पंजाब में लंबित कैबिनेट विस्तार में राहुल 'फैक्टर'  का असर पडऩा तय

Wednesday, December 06, 2017 10:24 AM
पंजाब में लंबित कैबिनेट विस्तार में राहुल 'फैक्टर'  का असर पडऩा तय

चंडीगढ़ः राहुल गांधी की ताजपोशी के बाद पंजाब में भी इसका असर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह और राहुल गांधी के संबंध समय के साथ बेशक मजबूत हुए हैं लेकिन पंजाब में लंबित कैबिनेट विस्तार में राहुल 'फैक्टर  का असर पडऩा तय है। साथ ही राहुल की गुड बुक में शामिल नेताओं को संगठन में भी तरजीह मिलेगी।

 

प्रदेश में कैबिनेट का विस्तार राहुल गांधी की ताजपोशी के बाद होना है। 17 दिसंबर को जालंधर, अमृतसर व पटियाला नगर निगम के चुनाव संपन्न हो जाएंगे। जिसके बाद भले ही लुधियाना नगर निगम के चुनाव होने हैं लेकिन साथ ही कैबिनेट विस्तार की दबी हुई फाइल भी खुल जाएगी। 


कैबिनेट विस्तार में राहुल की गुड बुक में शामिल यूथ कांग्रेस  के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कुलजीत नागरा व विजय इंदर सिंगला मंत्री बनने की दौड़ में हैं। 2008 में जब राहुल ने 'आम आदमी के सिपाही' प्रोजैक्ट चलाया था तो पंजाब से पांच लोग लिए गए थे जिनमें उक्त तीनों ही नेता शामिल थे। दो अन्य में रवनीत बिट्टू और सुखजिंदर डैनी थे। बिट्टू सांसद हैं तो डैनी पहली बार ही विधायक बने हैं।

 

राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा को भी बल मिलेगा क्योंकि कैप्टन अमरेंद्र समेत बड़े नेताओं के विरोध के बावजूद बाजवा का सपोर्ट राहुल गांधी करते रहे।  

 

कैप्टन व राहुल के बीच अब संबंध सामान्य हो गए हैं। कैप्टन वर्ष 2019 के लिए राहुल को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बता रहे हैं लेकिन राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद उनके लिए सोनिया गांधी के दरवाजे बंद हो जाएंगे। पूर्व में राहुल से सहमत न होने पर वह सोनिया तक अपनी पहुंच बनाकर स्थितियों को अपने अनुरूप कर लेते थे। हालांकि इस बात की संभावना न के बराबर है कि राहुल कैप्टन को तरजीह न दें क्योंकि प्रदेश में कैप्टन के कद का कांग्रेस के पास कोई नेता नहीं है और उन्हीं की अगुवाई में पंजाब में कांग्रेस दस साल बाद सत्ता में लौट सकी है।

 



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