सड़कों पर नाजायज कब्जे करने वालों के खिलाफ की जाए सख्त कार्रवाई: बराड़

Friday, May 19, 2017 3:51 PM
सड़कों पर नाजायज कब्जे करने वालों के खिलाफ की जाए सख्त कार्रवाई: बराड़

फतेहगढ़ साहिब (सुरेश) : सड़कों पर नाजायज कब्जे करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी यकीनी बनाई जाए ताकि सड़कों पर यातायात निर्विद्दन चल सके। यह आदेश डिप्टी कमिश्रर कंवलप्रीत बराड़ ने जिला सड़क सुरक्षा कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए समूह कार्यसाधक अफसरों को दिए। उन्होंने कार्यसाधक अफसरों को यह भी कहा कि शहरों में घूमते आवारा पशुओं का विशेष सर्वे करवाया जाए और उनको गौशालाओं में भेजा जाए ताकि लावारिस पशुओं के कारण होते सड़क हादसों पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सड़कों पर लगे साइन बोर्डों पर अपनी मशहूरी करने के लिए विभिन्न संस्थाओं या व्यक्ति विशेष द्वारा लगाए गए पोस्टर तुरंत हटवाए जाएं और ऐसा करने वालों के खिलाफ डीफेसमैंट एक्ट अधीन केस दर्ज करवाए जाएं ताकि कोई भी सरकारी जायदाद की सुंदरता को खराब न कर सके। 

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी प्रमुख सड़कों पर जरूरत अनुसार रंबल स्ट्रिप, चमकते रिफ्लैक्टर, रोड साइन और स्पीड लिमिट के बोर्ड लगवाकर रिपोर्ट भेजी जाए। श्रीमती बराड़ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि स्कूलों में विद्याॢथयों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता सैमीनार लगाने की व्यापक योजना बनाई जाए और पुलिस विभाग के ट्रैफिक विंग के साथ मिलकर स्कूलों में अधिक से अधिक सैमीनार करवाने को यकीनी बनाया जाए। मीटिंग में एक कमेटी मैंबर द्वारा सड़कों के किनारे खड़े सूखे  वृक्षों के गिरने का मामला ध्यान में लाने पर डिप्टी कमिश्रर ने जंगलात विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी कि इस तरफ पर शीघ्र कार्रवाई करके जल्दी उनको रिपोर्ट भेजी जाए। 

डिप्टी कमिश्रर ने शिक्षा विभाग और बाल सुरक्षा यूनिट के अधिकारियों को कहा कि माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा स्कूलों में पढ़ते विद्याॢथयों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई सेफ स्कूल वाहन पालिसी अधीन अधिक से अधिक स्कूली बसों की चैकिंग की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिला ट्रांसपोर्ट अफसर को कहा कि शिक्षा विभाग के साथ मिलकर प्राइवेट स्कूलों के मालिकों या प्रिंसीपल के साथ मीटिंग करके उनको हाईकोर्ट की हिदायतों से अवगत करवाया जाए और यदि फिर भी स्कूली बसों में सी.सी.टी.वी. कैमरे, मैडीकल किटेंं, महिला अटैंडैंट नहीं लगाए जाते तो उन स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कार्यसाधक अफसरों को हिदायत दी कि शहरों में लगी ट्रैफिक लाइटों को चालू हालत में रखा जाए। 



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