स्मॉग का धुंधलका, आसमान में छाए रहे बादल, जालंधर रहा प्रदेश में सबसे ठंडा

Tuesday, November 14, 2017 9:23 PM
स्मॉग का धुंधलका, आसमान में छाए रहे बादल, जालंधर रहा प्रदेश में सबसे ठंडा

जालंधर(राहुल): आज सुबह के समय जहां मौसम साफ रहा वहीं दोपहर के समय घनी स्मॉग के चलते धुंधलका छाया रहा। इस दौरान हुई हल्की बूंदाबांदी के चलते स्मॉग के दुष्परिणाम सामने आए। जहां हल्की बूंदाबांदी से ठंड का प्रकोप बढ़ा वहींं अधिकतर लोगों की आंखों में हल्की जलन व सांस लेने में मुश्किल पेश आई। मौसम विभाग के अनुसार आज आदमपुर 8.7 डिग्री सैल्सियस तापमान के चलते प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जबकि अधिकतम तापमान कल के तापमान से 1 डिग्री सैल्सियस कम 24 डिग्री सैल्सियस रिकार्ड किया गया। 


सुबह के समय मौसम की आद्रता 90 प्रतिशत रही जोकि शाम के समय 85 प्रतिशत तक पहुंच गई। मौसम विभाग की मानें तो आगामी 2 दिनों तक गरज चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। 15 नवंबर को जहां न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढऩे के आसार हैं। वहीं अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सैल्सियस की कमी रहने की संभावना हैं। आगामी दिनों में न्यूनतम तथा अधिकतम तापमान में कमी आने के  आसार हैं। 17 नवंबर के बाद धुंधलका और अधिक गहरा हो सकता हैं। आगामी सप्ताह के दौरान अधिकतर समय तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। 


स्मॉग ने लगाया वाहनों की गति पर अंकुश
दिन के समय स्मॉग के चलते जहां धुंधलका छाया रहा। बार-बार बदलते हवा के प्रवाह ने भी लोगों व बारिश की हलचल पर अंकुश लगाए रखा। सामान्यत: हवा का प्रवाह 7 से 9 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रहा। स्मॉग के चलते अधिकतर वाहन चालकों को दोपहर के समय भी लाइटें जलाकर धीमी गति से चल रहे थे। डा. निपुण महाजन (टैगोर अस्पताल व हार्ट केयर सैंटर के हृदय रोग विशेषज्ञ) ने वर्तमान में चल रहे स्मॉग के कहर से बचने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि सुबह व शाम के समय खुले में हल्के व्यायाम को ही प्राथमिकता दें, अधिक परिश्रम वाला व्यायाम स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। 

-यदि आवश्यक हों तभी बाहर निकलें।
- बाहर निकलते समय मौसम के अनुरूप पूरे व गर्म कपड़े पहने।
- हृदय व दमा के मरीज मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा अवश्य पहनें। 
- आंखों में जलन, सांस लेने में हो रही दिक्कत, बेचैनी महसूस होने पर शीघ्र ही चिकित्सक से संपर्क करें। 
- कचरे वाले क्षेत्र, धूल भरे क्षेत्र या धुएं वाले क्षेत्र से जहां तक संभव हो सकें दूर रहें। 
- इस मौसम में बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य, उनके खान-पान तथा दवाईयों का का विशेष ध्यान रखें।


 



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