अमृतसर में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, 15 मरीज पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 12:39 PM (IST)

अमृतसर (दलजीत) : अमृतसर में स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में अब तक 15 पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और सरकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। एक तरफ खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जांच पर कड़ी नजर रखी जा रही है वहीं दूसरी तरफ किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। गुरु नानक देव अस्पताल और जिला स्तरीय सिविल अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखे गए हैं तथा सीनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग पहले ही आई.एस.आई.एस.ए.आर.आई. के मामलों की निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध मरीजों की जांच करने और जरूरत पड़ने पर सैंपल टैस्ट करवाने के आदेश जारी कर चुका है।

जानकारी के अनुसार जिले में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निगरानी बढ़ा दी गई है। खांसी, बुखार, गले में दर्द, जुकाम या सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों को गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेष रूप से ऐसे मरीजों की पहचान करने पर जोर दिया जा रहा है जिनकी हालत गंभीर हो रही हो या जिन्हें सांस लेने में तकलीफ आ रही हो। आवश्यकतानुसार ऐसे मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में रैफर करने के प्रबंध भी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की पहचान और जांच के लिए 'फ्लूकॉर्नर' की व्यवस्था की गई है।

अमृतसर जिले के करीब 205 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान इस निगरानी प्रणाली से जोड़े गए हैं। गुरु नानक देव अस्पताल और जिला स्तरीय सिविल अस्पताल में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखे गए हैं तथा सीनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गुरु नानक देव अस्पताल में 30 बैड की तैयारी, सिविल अस्पताल भी अलर्ट

गुरु नानक देव अस्पताल में करीब 30 बैड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार है। इसके अलावा जिला स्तरीय सिविल अस्पताल में भी आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से सीनियर डॉक्टरों को ड्यूटी पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉक्टर रजनीश कुमार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी में ओसेल्टामिविर जैसी एंटीवायरल दवाओं, ऑक्सीजन, वैंटीलेटर सपोर्ट और अन्य आवश्यक सामान की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

स्वाइन फ्लू क्या है? एच.-1 एन-1 वायरस कैसे करता है हमला?

सरकारी टी.बी. अस्पताल के डॉक्टर विशाल वर्मा के अनुसार स्वाइन फ्लू आमतौर पर इन्फ्लूएंजा-ए के एच.1 एन.-1 वायरस से होने वाला श्वसन संबंधी संक्रमण है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू से मिलते-जुलते हो सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या पास रहकर बात करने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए यह वायरस फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद बिना हाथ साफ किए आंखों, नाक या मुंह को छूना भी संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है।

"घबराने की नहीं, स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता"

अमृतसर की सिविल सर्जन डा. रश्मि विज ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू को लेकर किसी भी प्रकार की दहशत में न आएं लेकिन इसके लक्षणों को नजर अंदाज भी न करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में आवश्यक प्रबंध किए गए हैं तथा संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और आवश्यकतानुसार इलाज पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

"सांस की समस्या बढ़े तो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचें"

सरकारी टी.बी. अस्पताल के डॉक्टर दलजीत सिंह के अनुसार खांसी, बुखार और सांस से जुड़े लक्षण कई बीमारियों में हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद कोई निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यदि सांस लेने में तकलीफ बढ़े या मरीज की हालत बिगड़े तो तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की शुरुआती जांच बेहद महत्वपूर्ण है।

हाथों की सफाई और खांसते समय सावधानी बरतें

सरकारी मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर संदीप महाजन के अनुसार सांस से संबंधित संक्रमणों से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाथों को बार-बार साबुन और पानी या सैनिटाइजर से साफ करते रहें, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिशू या कोहनी से ढकें, बीमार होने की स्थिति में दूसरों के बहुत करीब जाने से बचें।

अमृतसर में 15 और जालंधर में स्वाइन फ्लू के 10 मामलों की पुष्टि

सरकारी मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी विभाग के प्रमुख और पिम्स जालंधर के निदेशक डॉ. के.डी. सिंह के अनुसार लैब में रोजाना अमृतसर और जालंधर से एक-दो टैस्ट हो रहे हैं। अब तक की रिपोर्टों के अनुसार अमृतसर से 15 और जालंधर से 10 मामलों की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि डॉ. के.डी. सिंह एक ईमानदार और अनुभवी अधिकारी हैं। उनकी अगुवाई में कोरोना महामारी के समय में भी टीम ने दिन-रात काम करते हुए जनहित में कार्य किया था। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के कारण उन्हें एक बेहतरीन और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है।

अमृतसर में अब अगली चुनौती, मामलों की वृद्धि पर कड़ी नजर

15 पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद अमृतसर में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और तैयारी दोनों को तेज कर दिया है। 'फ्लू कॉर्नर' से लेकर अस्पतालों के 'आइसोलेशन वार्ड' तक पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और सीनियर डॉक्टरों को मुस्तैद रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग की मुख्य नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में फ्लू जैसी बीमारियों के मामलों का क्या रुझान रहता है और क्या किसी विशेष क्षेत्र में मामलों की असामान्य वृद्धि या कोई नया क्लस्टर सामने आता है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Urmila

Related News