मलोट में बिजली की आंख-मिचौली से लोग परेशान, काम हो रहे प्रभावित
punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 04:42 PM (IST)
मलोट (गोयल): मलोट शहर में लगातार लग रहे अघोषित बिजली कटों ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। शहरवासियों का कहना है कि बिजली कब चली जाए और कब वापस आए, इसका कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार घंटों तक बिजली गुल रहती है, लेकिन बिजली विभाग की ओर से न तो कोई पूर्व सूचना दी जाती है और न ही कट लगने का कारण बताया जाता है। इससे लोगों के रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले बिजली विभाग ने सोशल मीडिया पर सूचना देने के लिए ग्रुप बनाए हुए थे, जिनमें पहले से बताया जाता था कि किस क्षेत्र में किस समय बिजली बंद रहेगी। इससे लोग अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लेते थे। लेकिन पिछले काफी समय से विभाग ने यह व्यवस्था भी पूरी तरह बंद कर दी है। अब लोगों को यह तक पता नहीं चलता कि बिजली कब जाएगी और कब आएगी, जिससे उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
गृहिणियों का कहना है कि अचानक बिजली चले जाने से खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू काम प्रभावित हो जाते हैं। लगातार बिजली न रहने से फ्रिज में रखा दूध, दही, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री खराब होने का खतरा बना रहता है। व्यापारियों और दुकानदारों को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि विद्यार्थियों और ऑनलाइन काम करने वाले लोगों की पढ़ाई और कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। आज के दौर में बिजली हर घर और हर काम की सबसे बुनियादी जरूरत बन चुकी है, ऐसे में लगातार लग रहे अघोषित कट लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि सर्दियों में बिजली विभाग यह कहकर लंबे-लंबे कट लगाता है कि लाइनों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जा रहा है ताकि गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा सके। लेकिन गर्मी शुरू होते ही हालात पहले से भी ज्यादा खराब हो जाते हैं और अघोषित कटों का सिलसिला तेज हो जाता है।
लोगों का यह भी कहना है कि अभी तो धान का सीजन शुरू होना बाकी है। जैसे ही धान की रोपाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ेगी और ट्यूबवेलों को अधिक आपूर्ति दी जाएगी, शहर में बिजली संकट और गहरा सकता है। ऐसे में लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
शहरवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका जनता की आवाज उठाने की होती है, लेकिन मलोट में बिजली जैसी गंभीर समस्या पर विपक्ष पूरी तरह खामोश दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि न सत्ता पक्ष उनकी सुन रहा है और न ही विपक्ष इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठा रहा है। ऐसे में आम जनता खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही है।
शहरवासियों ने बिजली विभाग और प्रशासन से मांग की है कि अघोषित बिजली कटों पर रोक लगाई जाए, यदि किसी कारणवश बिजली बंद करनी पड़े तो उसकी पूर्व सूचना सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दी जाए तथा शहरवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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