हिमाचल से आने वाले मार्गों पर स्थापित किए चैक पोस्ट-कम-कंडे

1/17/2020 9:00:23 AM

गढ़शंकर(शोरी):पंजाब में जल्द ही रेत व बजरी लोगों को और महंगी मिलने के आसार बनते नजर आने लगे हैं, क्योंकि पंजाब सरकार लोगों को रेत-बजरी तोल कर बेचने की तैयारी में है। यह संदेह इसलिए बन गया है क्योंकि जिला होशियारपुर में राज्य सरकार के माइनिंग व जूलोजी विभाग ने हिमाचल प्रदेश से आने वाले मार्गों पर अपनी चैक पोस्टें स्थापित कर ली हैं। इन पोस्टों के साथ ही भार तोलने के लिए कंडे भी बना दिए गए हैं। अब बड़ा सवाल उठता है कि क्या यह विभाग अपनी पैनी नजर बनाए रखने के लिए कर रहा है या फिर यह सब मात्र हिमाचल से आने वाले रेत-बजरी को बंद करने की प्लानिंग का हिस्सा है।

बात नियमों बारे की जाए तो पंजाब सरकार ने रेत-बजरी के स्रोतों (खड्डों) को पूर्णत: ठेके पर दे रखा है व हिमाचल से जो भी वाहन रेत-बजरी लेकर आ रहे हैं उनके पास जी.एस.टी. का बिल होता है। ऐसे में इस व्यापार से जुड़े लोगों की समझ में यह नहीं आ रहा कि विभाग यह चैक पोस्टें व कंडे लगाकर आखिर साबित क्या करना चाहता है। इसके साथ ही बड़ी बात यह है कि विभाग ने अभी तक उन जगहों पर ऐसे नाके व कंडे नहीं लगाए हैं जहां पर पंजाब क्षेत्र की माइनिंग से भरे वाहन गुजरते हैं। इससे यह संदेह और भी गहरा हो जाता है कि यह सब हिमाचल से आने वाले रेत-बजरी वाले वाहनों को बंद करवाने वाला ही कदम साबित होगा। हालांकि अभी तक पंजाब सरकार के संबंधित मंत्री व विभाग से जुड़े बड़े अधिकारियों का इस संबंधी कोई बयान मीडिया में नहीं आया है।

सरकार द्वारा कोई स्पष्ट बयान न देने के कारण पंजाब के हजारों टिप्पर व ट्रैक्टर-ट्रॉली ऑप्रेटरों में यह भ्रम फैल गया है कि अब इन पोस्टों पर उनकी लूट होगी। कई लोग काम छोड़ बेरोजगार हो सकते हैं व पंजाब में रेत-बजरी का भाव 7वें आसमान तक जा सकता है। रही बात विभाग की तो इनको यह भी स्पष्ट करना पड़ेगा कि क्या कंडे मात्र ओवरलोड चैक करने के लिए लगाए जा रहे हैं। यदि हां तो पंजाब की खड्डें जिनमें नवांशहर व रोपड़ की काफी खड्डें शामिल हैं, से जो ओवरलोड रेत-बजरी वाले वाहन चल रहे हैं उन पर विभाग क्या कार्रवाई करेगा व वहां पर कंडे क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं।

क्या कहना है माइनिंग से जुड़े कारोबारियों का
माइनिंग विभाग के इस कदम पर भ्रम व भय की स्थिति में गुजर रहे इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है  कि इन चैक पोस्टों द्वारा पहले हिमाचल से आने वाली रेत-बजरी बंद करवाई जाएगी फिर पंजाब का रेत-बजरी मनमर्जी के दाम पर बेची जाएगी। इससे पंजाब के ट्रांसपोर्टर तो बेरोजगार होंगे ही साथ ही आम लोगों का घर बनाने का सपना बस सपना ही रह जाएगा क्योंकि बेतहाशा बढ़ रहे  रेत-बजरी के रेट और मार्डन बन रहे ईंटों के भाव भी आने वाले समय में  50 फीसदी तक बढ़ने के आसार बन चुके हैं। जरूरत है कि स्वयं मुख्यमंत्री इस मामले की पड़ताल करे व लोग हित में फैसला लें।


swetha

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