सचिव दिलशेर खन्ना को अध्यक्ष चाहल ने मीटिंग मिनटस और एजैंडे पर दिया जवाब

punjabkesari.in Sunday, Jul 03, 2022 - 11:41 AM (IST)

जालंधर (अनिल पाहवा): पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) के सचिव दिलशेर खन्ना की तरफ से एपेक्स कमेटी पर एजैंडा तथा मीटिंग मिनटस को लेकर खड़े किए गए सवालों पर एसोसिएशन ने कड़ा रूख अपनाया है तथा सचिव के इस रवैये की निंदा की है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष के बीच एक कांफ्रेंस कॉल की गई और यह सर्वसम्मत राय बनी कि सचिव की मेल में उठाई गई टिप्पणियां  सच्चाई से कोसों दूर हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से विस्तृत उत्तर देने का निर्णय लिया ताकि जनरल बॉडी के सदस्यों के साथ वास्तविक तस्वीर साझा की जा सके और सीईओ को एक प्रति के साथ सचिव को जवाब देने के निर्देश दिए। इस संबंध में एक पत्र जारी कर एसोसिएशन के चीफ एक्जिक्यूटिव ऑफिसर ने पूरे मामले में उठे सवालों के जवाब दिए हैं तथा सचिव के आरोपों को सिरे से नकारा है। 

मीटिंग मिनटस पर पीसीए का जवाब  
एपेक्स कमेटी की बैठक के एजैंडे को लेकर किए गए सवाल पर सीईओ ने जवाब देते हुए कहा है कि वार्षिक आम सभा की बैठक के दौरान, उपाध्यक्ष,  गगन खन्ना ने प्रस्ताव दिया कि बैठक के मिनटस को तत्काल अंतिम रूप दिया जाना चाहिए, ताकि बैठक में लिए गए निर्णयों की सही भावना बनी रहे। यह कार्यालय को बिना किसी देरी के बैठक के निर्णयों को लागू करने में भी सक्षम बनाएगा। सदन ने तुरंत मिनटस को अंतिम रूप देने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।

मिनटस का मसौदा तैयार किया गया और सीईओ द्वारा अध्यक्ष और सचिव के समक्ष रखा गया। अध्यक्ष ने सीईओ से अनुरोध किया कि वह अपनी मंजूरी से पहले सचिव को मिनटस दिखाएं। सचिव ने मिनटस को लगभग 40-45 मिनट तक इसे पढ़ा तथा कुछ बदलाव करने को कहा। यह बदलाव अध्यक्ष तथा अन्य शीर्ष परिषद के अन्य सदस्यों के के नोटिस में लाए गए। सीईओ ने लिखा है कि सचिव द्वारा प्रस्तुत किए गए परिवर्तनों को देखकर, शीर्ष परिषद के कुछ अन्य सदस्यों के साथ बैठे अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जो बदलाव कहे जा रहे हैं वह बैठक का हिस्सा नहीं थे। सचिव ने उत्तर दिया कि हालांकि वे सदन की कार्यवाही के अनुरूप नहीं हैं लेकिन यह परिवर्तन किए जाने चाहिएं।

मामले में अध्यक्ष ने तब सचिव की उपस्थिति में सीईओ को बुलाया और शीर्ष परिषद के कुछ अन्य सदस्यों ने सचिव की तरफ से सुझाई गई बातों को हटाने को कहा, क्योंकि वह  बाठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार नहीं थीं। इसके बाद नियम अनुसार अध्यक्ष व अन्यों ने मिनटस पर हस्ताक्षर कर इसे अंतिम रूप दे दिया। 

सीईओ की तरफ से लिखे पत्र में कहा गया है कि इसके अलावा, सचिव को याद होगा कि 3 जून, 2022 को उनके साथ पीसीए खातों के संचालन के लिए बैंक अटार्नी पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं जो कि पीसीए के बैंक खातों के लिए बेहद जरूरी हैं। हालाँकि, वही अभी भी सचिव की ओर से लंबित हैं और उन्हें समय निकालना चाहिए तथा जनरल बॉडी के निर्णय को पूरा करने के लिए बैंक के कागजात पर हस्ताक्षर करना चाहिए।

एजैंडे को लेकर पीसीए ने घेरा सचिव को
सचिव दिलशेर खन्ना ने पीसीए की बैठक में एजैंडे को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बैठक से पहले एजैंडा नहीं दिया गया जिसके कारण सदस्यों को बैठक में अपनी बात रखने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। जवाब में सीईओ ने कहा है कि एपैक्स काऊंसिल की बैठक के लिए एजेंडे को अंतिम रूप देने से पहले अध्यक्ष  द्वारा सचिव के साथ चर्चा की गई थी। अध्यक्ष ने आगे सचिव से किसी भी अतिरिक्त इन्क्वायरी के लिए सीईओ के साथ चर्चा करने का अनुरोध किया। इस बीच सचिव ने अध्यक्ष को फोन कर कुछ खास बात पर चर्चा के लिए कहा। सचिव ने कहा कि पिछली एपैक्स काऊंसिल की बैठक में एजेंडे पर नाराज़गी जताई गई थी।  एजेंडा पर विशेष रूप से फोरेंसिक ऑडिट पर एतराज किया गया है। अध्यक्ष ने सचिव को सलाह दी कि फोरेंसिक ऑडिट का अर्थ केवल सुधारात्मक उपायों के लिए है ताकि अतीत में किए गए अच्छे कामों को आगे बढ़ाया जा सके और पीसीए के संचालन में जहां भी सुधार किया जाना है, उसे किया जाएगा। सचिव ने कहा कि यह पिछली व्यवस्था के साथ बहुत अच्छा नहीं होगा और वह इस एजेंडा को आगे नहीं भेज पाएंगे।  

पूर्व अध्यक्ष के पास कैसे पहुंच गया एजैंडा ?
इस बीच संयुक्त सचिव ने अध्यक्ष से कहा कि पूर्व अध्यक्ष ने उनके साथ कुछ एजैंडे पर चर्चा की है खासकर फोरैंसिक ऑडिट पर अपनी बात रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि सचिव अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।  जब पूर्व अध्यक्ष से पूछा गया कि उनके पास एजैंडा कहां से आया क्योंकि तब  तक तो संयुक्त सचिव के पास भी एजैंडा नहीं था। संयुक्त सचिव ने तब पूर्व अध्यक्ष से कहा कि इससे उनकी आशंका साबित होती है कि वर्तमान सचिव पूर्व अध्यक्ष के इशारे पर काम कर रहे थे।

इस मामले के सामने आने के बाद अध्यक्ष ने फिर से सचिव को फोन किया और उनसे अनुरोध किया कि वह एजेंडा को शीर्ष परिषद के सदस्यों के अलावा किसी और के साथ साझा न करें क्योंकि यह विश्वास का उल्लंघन है। अध्यक्ष ने फिर से आश्वासन दिया कि फोरेंसिक ऑडिट केवल पीसीए के कामकाज में सुधार के लिए है। हालांकि, सचिव ने अध्यक्ष को सूचित किया कि वह पूर्व अध्यक्ष के साथ कुछ भी बात कर सकते हैं क्योंकि यह उनके और पूर्व अध्यक्ष के बीच है। सचिव ने एजेंडे पर हस्ताक्षर करने में असमर्थता जताई और कहा कि यह पूर्व अध्यक्ष के अनुसार उनके हित में नहीं है। 

बैठक में पहली बार हुई "क्रिकेट ओनली" एजेंडा पर चर्चा
सीईओ ने पत्र में लिखा है कि शीर्ष परिषद की बैठक 19 जून, 2022 को हुई थी। सचिव बैठक में शामिल नहीं हुए। शीर्ष परिषद की 19 जून, 2022 की बैठक के मिनटस का मसौदा तुरंत तैयार किया गया, जिसे शीर्ष परिषद के कुछ सदस्यों की टिप्पणियों के अनुसार ठीक किया गया और उसके बाद माननीय के सामने रखा गया। सदस्यों ने सर्वसम्मति से सराहना की और आवाज उठाई कि इस बैठक में इतने वर्षों के बाद "क्रिकेट ओनली" एजेंडा पर चर्चा की गई और पंजाब राज्य में क्रिकेट के खेल के प्रचार और विकास के लिए अच्छा है। पहले शीर्ष परिषद की बैठकों में राजनीति इतनी भारी थी कि केवल मनमुटाव और बहस होती थी और कोई सार्थक एजेंडा आगे नहीं बढ़ाया जाता था। इशके अलावा सीईओ ने कमेटियों की सूची भी जारी की है जिसमें सचिव दिलशेर खन्ना को सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है। इससे साबित होता है कि एपेक्स काऊंसिंल में सचिव को पूरी अहमियत दी जा रही थी।


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News Editor

Kalash

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