सरहद पार: पाक में 5 माह में 1489 नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर किया दुष्कर्म

punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2020 - 10:35 AM (IST)

गुरदासपुर/पाकिस्तान(स.ह.): पाकिस्तान में जनवरी से जून 2020 तक 1489 नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनसे दुष्कर्म करने की घटनाएं सामने आने से पाकिस्तान की महिला फाऊंडेशन ने पाकिस्तान की कानून व्यवस्था पर कई तरह के सवाल उठाए हैं। महिला फाऊंडेशन के अनुसार इस तरह से प्रतिदिन 8 केस सामने आते हैं, परंतु ये तो वे केस हैं जो पुलिस के पास रिपोर्ट हुए हैं जबकि इससे 3 गुणा वे केस हैं जो पुलिस के पास लोगों ने अपनी शान तथा सुरक्षा के कारण रिपोर्ट ही नहीं किए हैं।
 
महिला फाऊंडेशन ऑफ पाकिस्तान की प्रधान रूबिना सादिक ने इस संबंधी तैयार रिपोर्ट में आरोप लगाया कि जो 1489 केस सामने आए हैं उनमें से 32 प्रतिशत केस गैर-मुस्लिम लड़कियों के हैं तथा 119 गैर-मुस्लिम लड़कियों की दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने के मामले सामने आए हैं। जबकि हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने इन 119 लड़कियों की हत्याओं के मामले में मात्र 9 आरोपियों को ही गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। 

रूबिना सादिक ने आरोप लगाया कि सच्चाई यह है कि पाकिस्तान में जनवरी से जून 2020 तक लगभग 5 हजार नाबालिग लड़कियों का अपहरण हुआ है परंतु पुलिस के पास रिपोर्ट करने से लोग डरते हैं, क्योंकि पुलिस आरोपियों को सजा देने की बजाय पीड़ित परिवार को ही अपमानित करती है तथा कट्टरपंथियों के दबाव में आकर कोई कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि जो केस सामने आए हैं उनमें मदरसों के मौलवियों द्वारा नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म करने के मामले 118, अपने ही रिश्तेदारों द्वारा दुष्कर्म करने के 114 तथा अध्यापकों द्वारा नाबालिग लड़कियों, जो ट्यूशन पढऩे के लिए आती हैं, के साथ 167 मामले पुलिस ने दर्ज कर रखे हैं, परंतु अधिकतर केसों में पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौते करवा कर केसों को रफा-दफा कर रखा है। 

रूबिना सादिक के अनुसार जिस तरह से बीते कुछ माह से गैर-मुस्लिम लड़कियों को अपहृत कर उनका धर्म परिवर्तन करवा कर अपहरण करने वालों से ही निकाह होने की घटनाएं सामने आई हैं यह भी एक ङ्क्षचता का विषय है। अधिकतर गैर-मुस्लिम लड़कियां जो अपहरण करने वालों से निकाह करने से इंकार कर देती हैं वे मार दी जाती हैं, परंतु पाकिस्तान सरकार द्वारा इस संबंधी चुप्पी धारण करना मानवता के माथे पर कलंक है। 

उन्होंने कई हिन्दू, सिख तथा क्रिश्चियन लड़कियों सहित नाबालिग गैर-मुस्लिम लड़कियों के अपहरण की बात अपनी रिपोर्ट में कही है, जिनके बारे में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से प्रश्न किया है कि यदि उनकी बेटी को अपहृत कर उसका किसी गैर-मुस्लिम से विवाह करवा दें तो उन्हें कैसा लगेगा। यही हालत पाकिस्तान में गैर-मुस्लिम लोगों की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला फाऊंडेशन इस मामले को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उठाएगी तथा महिलाओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा पूरे जोर से उठाएगी।


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Vaneet

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