पंजाब की 2 यूनिवर्सिटियां गंभीर वित्तीय संकट में: भगवंत मान

8/11/2020 4:46:14 PM

चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष भगवंत मान ने गंभीर वित्तीय संकट की शिकार पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला की दुर्दशा के लिए कांग्रेस और पिछली अकाली भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि दुर्भाग्य ही कहेंगे कि सरकार अपने दोनों विवि पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला और गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर को भी नहीं चला सकती। मान ने आज यहां कहा कि जब जायज मांगों के लिए स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय के अध्यापक, प्रोफेसर और अन्य समूह स्टाफ धरने-प्रदर्शन के लिए मजबूर हो जाए तो सत्ताधारियों को पदों पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता। 

मान ने कहा कि इजराइल की हैबरू यूनिवर्सिटी (1918) के बाद पंजाबी यूनिवर्सिटी मातृ-भाषा पर आधारित दुनिया की दूसरी यूनिवर्सिटी थी, जबकि श्री गुरु नानक देव जी के 500 वर्षिय शताब्दी वर्ष मौके 1969 में जीएनडीयू, अमृतसर में स्थापित की गई थी लेेकिन प्रदेश सरकारों की सरकारी शिक्षा विरोधी नीयत और नीतियों के कारण विद्या के इन दोनों मंदिरों को उसी तरह मिटाने की साजिश हो रही है, जैसे निजी थर्मल प्लांटों के हितों के लिए गुरु नानक थर्मल प्लांट बठिंडा की हुई है। उन्होंने बताया कि सरकारी बेरुखी और अनावश्यक राजनीतिक दखलन्दाजी के कारण पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला 150 करोड़ रुपए के कर्ज में है। पिछले चार सालों से अध्यापकों, प्रोफेसरों और दूसरे अन्य स्टाफ को वेतन, पेंशनें और अन्य लाभ-भत्ते समय पर नहीं मिल रहे। साल 2013-14 में सरकार की तरफ से सत्रह करोड़ रुपए का महंगाई भत्ता आज तक नहीं दिया। सरकार की ओर से मंजूरशुदा वार्षिक 108 करोड़ ग्रांट अपर्याप्त होने के साथ-साथ पूरी नहीं मिलती। 

सांसद ने कहा कि विवि के प्रोफेसरों तथा आधिकारियों ने बताया कि पिछले लंबे समय से अपेक्षित फैकल्टी में नई भर्ती न किए जाने के कारण विभाग एक-एक, दो-दो प्रोफेसरों से काम चलाया जा रहा है। यदि यूनिवर्सिटी ही गेस्ट फैकल्टी के सहारे चल रही हो तो इसके तहत आने वाले तीन सौ कालेजों का कितना बुरा हाल होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। मान ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे तुरंत विवि की मांग के अनुसार लगभग 350 करोड़ रुपए जारी करें तथा पंजाबी विवि को वित्तीय संकट से उबारें।


Mohit

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