आप भी सोच रहे हैं मणिमहेश जाने का तो एक बार पढ़ लें यह खबर
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 05:49 PM (IST)

नूरपुरबेदी(भंडारी): नूरपुरबेदी शहर से मणिमहेश यात्रा के लिए गए करीब 20 श्रद्धालुओं के जत्थे के खराब मौसम के चलते वहां पर फंसे होने का समाचार प्राप्त हुआ है। जिससे उनके परिजन बेहद चिंतित है और उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार से उनकी सहायता की गुहार लगाई है।
आज उक्त यात्रा से दुर्गम पहाड़ी रास्तों से कई किलोमीटर का पैदल सफर करने के बाद सकुशल घर लोटे नूरपुरबेदी के युवक राहुल वर्मा पुत्र संजय वर्मा ने बताया कि वह गत 22 अगस्त को हिमाचल के भोटा के कुछ परिचित श्रद्धालूओं के साथ मणि महेश में दर्शनों के लिए पहुंचा था। उसने बताया कि इस दौरान वह 2 दिन रुकने के बाद वापिस 20 किलोमीटर का पैदल सफर कर लाहल गांव में पहुंचा जहां उन्होंने अपनी गाड़ियां खड़ी कर रखी थी।
मगर इस दौरान बादल फटने से सुरक्षाबलों ने उन्हे रास्ते खराब होने के चलते 2 दिन रुकने को कहा। मगर जब 2 दिनों बाद भी रास्ते न खुले तो वह पैदल ही टूटे हुए पहाड़ों के मलबे व दुर्गम रास्तों से होता हुआ 40 किलोमीटर का सफर तय करके चंबा पहुंचा और आज बाद दोपहर नुरपुरबेदी अपने घर पहुंचा।
इंटरनैट व मोबाइल सेवाएं प्रभावित होने से परिजनों से नहीं हो पा रहा था संपर्क
उसने बताया कि इंटरनैट व मोबाइल सेवाएं प्रभावित होने के चलते बात न होने पर उसके परिजन बेहद चिंतित थे। उसने बताया उनके साथ गए यात्री रास्ते खराब होने के चलते अपने गाड़ियां वहीं छोड़ आए हैं। उसने बताया कि उसे नूरपुरबेदी के करीब 20 श्रद्धालू वहां मिले जो खराब मौसम होने के चलते वहीं फंसे हुए हैं और उनके परिजन चिंतित हैं।
मणिमहेश नाले में बाढ़ आने से कई सड़कें व पुल बहे
युवक राहुल शर्मा ने बताया कि बादल फटने से मणिमहेश के नाले में बाढ़ आने से कई सड़कें व पुल बह गए हैं और चंबा से भरमौर तक नैशनल हाइवे को भी भारी छति पहुंची है।
यात्रियों को घर पहुंचाने का प्रबंध करे हिमाचल सरकार
जिला कांग्रेस कमेटी रूपनगर के अध्यक्ष अशवनी शर्मा ने कहा कि उक्त यात्रा में फंसे श्रद्धालूओं को हिमाचल प्रदेश की सरकार उनके घरों तक पहुंचाने के लिए उच्च कदम उठाए जाएं ताकि उनके परिवार दहशत के माहौल से निकल सके। उन्होंने कहा कि नूरपुरबेदी समेत पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग उक्त यात्रा के लिए रवाना हुए थे जो खराब मौसम के चलते सड़कें व पुलों के बह जाने से वहां फंसे हुए है। मगर हिमाचल प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार द्वारा उक्त फंसे यात्रियों को उनके घरों तक पहुचाने का प्रबंध न किया जाना मदभागा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि मणिमहेश यात्रा दौरान फंसे यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर उनके घर पहुचने का प्रबंध किया जाए। उन्होंने कहा कि नूरपुरबेदी समेत रूपनगर जिले के कई यात्री वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को रवाना हुए जत्थे में शामिल श्रद्धालु 25 अगस्त को वापस पहुंचने थे जिनके अब तक न लोटने व उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क न होने से परिजन चिंतित हैं। इसी के चलते राज्य सरकार उक्त यात्रियों के सकुशल घर आने के लिए विशेष प्रबंध करे।
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