इन टीचरों की तरक्की पर लटकी तलवार! पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया सख्त फैसला

punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 03:30 PM (IST)

मोहाली (नियामिया): पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग अब कॉमर्स लेक्चरर की सीनियरिटी लिस्ट में कमियों की वजह से करीब 17 साल बाद बड़ा झटका देने की तैयारी में है। इस बावत विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते रिवाइज्ड लिस्ट मुताबिक प्रभावित अध्यापकों को पत्र जारी करके 21 दिनों के अंदर लिखकर ऑब्जेक्शन फाइल करने के ऑर्डर जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक, सीनियरिटी लिस्ट के रिव्यू का असर कॉमर्स ग्रुप के 245 लेक्चरर की पोस्ट पर पड़ सकता है, जिनकी लिस्ट जारी हो चुकी है और इस पोस्ट की प्रमोशन कैंसिल करने का प्रोसेस शुरू हो चुका है।

माना जा रहा है कि उनके जवाबों से यह तय होगा कि वे पुरानी सीनियरिटी लिस्ट में बने रहने के हकदार हैं या नहीं। डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (सेकेंडरी), पंजाब, गुरिंदर सिंह सोढ़ी की तरफ से जारी ऑर्डर में कहा गया है कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 15 फरवरी, 2023 को सिविल रिट पिटीशन हरभजन सिंह और दूसरे बनाम पंजाब राज्य में, 19 जून, 2019 को जारी मास्टर कैडर की जॉइंट सीनियरिटी लिस्ट को रद्द कर दिया और विभाग को नई सीनियरिटी लिस्ट बनाने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, 2016 की सिविल रिट पिटीशन बलबीर कौर बनाम पंजाब राज्य के ऑर्डर को देखते हुए, लेक्चरर कैडर की सीनियरिटी लिस्ट का भी रिव्यू किया गया। विभाग ने 2008 से 2024 तक अलग-अलग विषयों में की गई तरक्कियों की समीक्षा करने के लिए अलग-अलग तारीखों पर पब्लिक नोटिस जारी किए। कॉमर्स सब्जेक्ट में प्रमोशन का रिव्यू करने के बाद, विभाग ने पाया कि कुछ टीचर रिवर्जन ज़ोन में आते हैं। इसलिए, लेक्चरर (कॉमर्स) के पद पर उनके प्रमोशन कैंसिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस फैसले से राज्य भर के करीब 245 अध्यापकों पर असर पड़ सकता है।

डिपार्टमेंट ने संबंधित टीचरों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रपोजल के बारे में कोई भी एतराज या स्पष्टीकरण तय समय के अंदर लिखकर जमा करने के निर्देश दिए हैं। ऑर्डर के मुताबिक, अगर तय समय के अंदर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो यह मान लिया जाएगा कि संबंधित अध्यापकों को कोई एतराज नहीं है, और विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। एजुकेशन डिपार्टमेंट के इस कदम के बाद, राज्य के शिक्षा विभाग में एक बार फिर सीनियरिटी और प्रमोशन से जुड़े मामलों पर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि नई सीनियरिटी लिस्ट लागू होने से दूसरे सब्जेक्ट्स में प्रमोशन पर भी असर पड़ सकता है।

डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने इस फैसले को खारिज कर दिया है। पंजाब स्टेट प्रधान विक्रमदेव सिंह, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र कौड़ियांवाली और फाइनेंस सेक्रेटरी अश्विनी अवस्थी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने 25/08/2025 को लेक्चरर कैडर की प्रोविजनल सीनियरिटी लिस्ट जारी करके एतराज मांगे थे। यह लिस्ट बनाते समय विभाग ने विभागीय नियमों, कोर्ट के फैसलों को नजरअंदाज किया, समय-समय पर D-Bar कर्मचारियों का ध्यान नहीं रखा, एक ही लिस्ट में सीनियरिटी तय करने के लिए अलग-अलग फ़ॉर्मूले अपनाए और अध्यापकों से मांगी गए एतराजों पर कोई सुनवाई न करना शामिल है लेकिन, अब इस लिस्ट के आधार पर करीब 245 कॉमर्स लेक्चरर को रिवर्ट करने का प्रस्ताव वाला पत्र जारी किया गया है, जिससे विभाग में काम कर रहे अध्यापकों में हलचल मच गई है।

हैरानी की बात है कि 2008 से 2024 के बीच जिन कॉमर्स लेक्चरर को प्रमोट किया गया था, उन्हें उस समय शिक्षा विभाग की तरफ से जारी सीनियरिटी लिस्ट, एजुकेशन डिपार्टमेंट के नियमों और उनकी योग्यता अनुसार ही पदोन्नत होने के बावजूद अब जाकर रिवर्जन जोन में रखने का आदेश दिया गया है। यहां यह बताना जरूरी है कि इन लेक्चरर ने प्रमोशन के बाद अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लिया है और कई सालों से स्कूलों में कॉमर्स लेक्चरर के तौर पर पढ़ा रहे हैं। विभागीय नियमों के तहत प्रमोट किए जाने के बावजूद अध्यापकों को रिवर्जन जोन में रखना नाइंसाफी का सबूत है।

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News Editor

Urmila

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