आखिर क्यों है संकट में पंजाब रोडवेज?, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

punjabkesari.in Tuesday, Mar 15, 2022 - 03:47 PM (IST)

जालंधर (पुनीत) : पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. विभागों की आर्थिक स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि कर्मचारियों को वेतन देने के लिए एफ.डी. का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हालांकि ठेका कर्मियों को एफ.डी. के पैसे से भुगतान कर दिया गया है, लेकिन स्थिति अभी भी ऐसी है कि विभाग के पास डीजल की आपूर्ति के लिए पर्याप्त धन नहीं है। बसें उधार के डीजल से चल रही हैं जब बकाया बढ़ने के कारण पेट्रोल पंपों ने उधार का डीजल देना बंद कर देंगे तो बसें रुक जाएंगी। सूत्रों ने बताया कि धन के अभाव में बसों की ठीक से मुरम्मत नहीं हो पाई, जिससे रास्ते में कई बार बसें खराब हो चुकी हैं और कभी भी हादसा हो सकता है।

विभाग के ऐसे हालात पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण हैं। दिल्ली की तर्ज पर सरकारी बसों में पंजाब कांग्रेस की सरकार की तरफ से सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की गई लेकिन उनके लिए बजट का उचित आवंटन नहीं किया गया, जिससे विभाग को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। मुफ्त यात्रा की घोषणा करते समय सरकार ने 1.70 करोड़ रुपए का बजट रखा था जो 2 महीने पहले खत्म हो गया, उसके बाद से मुफ्त सफर का बिल बढ़ता ही जा रहा है। वर्तमान में रोडवेज, पुनबस और पी.आर.टी.सी. ने महिलाओं के लिए 100 करोड़ रुपए से अधिक की मुफ्त यात्रा प्रदान की है।

सरकार पर मुफ्त यात्रा बिलों के रूप में 100 करोड़ रुपये बकाया है, जो एक बार भुगतान करने के बाद विभाग की स्थिति में सुधार करेगा। अधिकारियों का कहना है कि संविदा कर्मियों का वेतन महज 8-9 करोड़ रुपये के आसपास है हालांकि, विभाग के पास पर्याप्त धनराशि नहीं थी, जिसके कारण एफडी फंड का उपयोग किया गया, जो विभाग की स्थिति का वर्णन करता है। अधिकारियों ने बिल को लेकर कई बार राजस्व विभाग से संपर्क किया, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिला।

सरकार पर मुफ्त यात्रा बिलों के रूप में 100 करोड़ रुपए का बकाया है, जो एक बार भुगतान करने के बाद विभाग की स्थिति में सुधार करेगा। अधिकारियों का कहना है कि ठेका कर्मियों का वेतन महज 8-9 करोड़ रुपए के आसपास है परन्तु विभाग के पास पर्याप्त धनराशि नहीं थी, जिसके कारण एफ.डी. फंड का उपयोग किया गया, जो विभाग की स्थिति का वर्णन करता है। अधिकारियों ने बिल को लेकर कई बार राजस्व विभाग से संपर्क किया, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिला।

नुकसान के लिए जिम्मेदार हैं अधिकारी, बस की टंकियों को बदलने के इंतजार में महीनों बीत गए
नई बसें लंबे रूटों पर उपलब्ध हैं क्योंकि नई बसें ज्यादा माइलेज देती हैं, जिससे विभाग को फायदा होता है। लगातार बसों का नुकसान हो रहा है लेकिन नई बसों को लंबे रूटों पर भेजने के लिए अधिकारी पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है। जो नई बसें मिली है उनमें डीजल का टैंक छोटा है, जिस कारण टैंकी फुल करवाने पर बसें लंबे रूटों पर अप-डाऊन नहीं कर सकतीं। ऐसे में बसों के डीजल टैंक को पुरानी बसों से बदला जा सकता है परन्तु बसें मिले कई महीने बीत जाने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा टैंकी तक बदली नहीं जा सकी। 

लापरवाह अधिकारी दिखावे के लिए हुए एक्टिव
रोडवेज डिपो के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा अगर समय पर मुनाफा कमाने हेतु सोचा गया होता तो शायद आर्थिक स्थिति इतनी खराब न होती, लेकिन उचित कार्य के प्रति लापरवाही समय-समय पर देखने को मिली है। अब सरकार बदलने के बाद लापरवाह अधिकारी दिखावे के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं। डिपो में काउंटर पर बसों की टाइम टेबल की जांच की जा रही है लेकिन इससे कोई बड़ा फायदा नहीं होने वाला है।

500 मीटर के दायरे में चेकिंग पावर का उपयोग नहीं किया जाता है
हाल के दिनों में जब पंजाब कैबिनेट में फेरबदल हुआ तो राजा वड़िंग ने निजी ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया था। इस बीच निजी ट्रांसपोर्टरों द्वारा टैक्स बकाया के रूप में करोड़ों रुपए जमा किए गए, जिसके तहत बस स्टैंड पर पहुंचने वाली अधिकांश बसों के दस्तावेज पूरे हैं। सूत्रों ने बताया कि सरकार द्वारा डिपो अधिकारियों को दी गई नई शक्ति का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी क्रम में डिपो के वरिष्ठ अधिकारी बस स्टैंड के आसपास 500 मीटर के दायरे में बसों के दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं, जो नहीं हो रहा है।

पी.ए.पी. समेत कई जगहों से चल रही अवैध बसें
ठेका कर्मचारी यूनियन ने कहा कि पी.ए.पी. चौक के पास अमृतसर रोड समेत कई हाईवे पर अवैध बसें चल रही हैं। इस बारे में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। यदि इस पर कार्रवाई की जाती है तो यात्री अवैध रूप से संचालित निजी बसों के स्थान पर सरकारी बसों में यात्रा करेंगे, जिसका लाभ विभाग को होगा। यूनियन का कहना है कि अगर अधिकारी अभी कार्रवाई करते हैं तो उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी।

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News Editor

Kamini

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