अब इंतकाल के लिए नहीं काटने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, घर बैठे करें ऑनलाइन आवेदन

punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 10:38 AM (IST)

पंजाब डेस्क : प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के बाद इंतकाल दर्ज करवाने वालों के लिए बेहद ही राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, अब इंतकाल के लिए बार-बार तहसीलों और पटवारखानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि अब घर बैठे रजिस्ट्री की कॉपी ऑनलाइन जमा करवा सकेंगे। जानकारी के मुताबिक रजिस्ट्री बवनाने को लेकर बार-बार तहसीलों में चक्कर लगाने के बावजूद काम नहीं होते थे और रिश्वत मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। 

सरकारी काम में देरी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि, हाल ही में विजिलेंस की टीम ने इंतकाल के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पटवारी और उसके निजी कारिंदे को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आमतौर पर कुछ पटवारी अपने साथ दो से तीन निजी कारिंदे रखते हैं। सरकारी व्यवस्था में लापरवाही और कामकाज में देरी के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में निजी कारिंदों द्वारा काम करवाने के बदले पैसे मांगने की शिकायतें भी सामने आती हैं। वहीं नए और पुराने पटवारखानों में लोग अक्सर परेशान दिखाई देते हैं। कभी दफ्तर बंद मिलता है तो कभी पटवारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं होते। इस कारण लोगों को अपने ही काम के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। 

अब घर बैठे ईजी जमाबंदी पोर्टल पर करें आवेदन

लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए पंजाब सरकार ने इंतकाल दर्ज करवाने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवाई है। अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के बाद इंतकाल के लिए आवेदक घर बैठे ईजी जमाबंदी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे लोगों को बार-बार तहसील या पटवारखाने जाने की जरूरत कम होगी और आवेदन की प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी उनके पास रहेगा।

ऑनलाइन आवेदन करने के बाद मिलने वाली रसीद या एप्लीकेशन नंबर को संभालकर रखना जरूरी है। यदि निर्धारित 30 दिनों के भीतर इंतकाल दर्ज नहीं होता, तो आवेदक इस रसीद या एप्लीकेशन नंबर के आधार पर संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दे सकता है। ऑनलाइन आवेदन का रिकॉर्ड होने से शिकायत पर कार्रवाई करवाने और देरी का कारण पूछने में मदद मिल सकती है।

इंतकाल दर्ज करने के लिए 30 दिन की समयसीमा

ईजी जमाबंदी पोर्टल पर आवेदन करने के बाद इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया के लिए कुल 30 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। इस दौरान 3 स्तरों पर जांच और कार्रवाई की व्यवस्था है।

  • पहले 15 दिन: पटवारी के स्तर पर आवेदन की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
  • अगले 5 दिन: कानूनगो द्वारा दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा।
  • अंतिम 10 दिन: तहसीलदार के स्तर पर मामले की अंतिम जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य इंतकाल दर्ज करने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना और लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। आवेदकों को चाहिए कि वे ऑनलाइन आवेदन की रसीद और एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखें, ताकि निर्धारित समय में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें। जानकारी के मुताबिक, जब लोग  पोर्टल पर आवेदन करेंगे तो वह सीधे तौर पर संबंधित इकाले के पटवारी के पास पहुंच जाएगी।  पूरे प्रोसेस का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज हो जाता है। 

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News Editor

Kamini

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