नगर निगम फगवाड़ा की नाक तले Architect ने किया बड़ा Scandal, पढ़ें पूरी खबर

punjabkesari.in Saturday, Jun 05, 2021 - 01:24 PM (IST)

फगवाड़ा(जलोटा):  फगवाड़ा में एक आर्किटेक्ट द्वारा नगर निगम फगवाड़ा के फर्जी नक्शे पास करने और जाली सरकारी रसीदें बनाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि उक्त फर्जी और जाली दस्तावेजों पर नगर निगम फगवाड़ा के नाम की जाली मोहरें भी लगाई गई है। जानकारी अनुसार यहां से एक आर्किटेक्ट द्वारा नकली नक्शे पास करके सरकार और लोगों के साथ लाखों रुपए की ठगी की गई बताई जा रही है।

प्रकरण को लेकर पंजाब केसरी के इस संवादाता के साथ बातचीत करते हुए नगर निगम फगवाड़ा के कमिश्नर राजीव वर्मा ने बताया कि निगम के सरकारी अमले ने बीते दिनों तीन दुकानों जिनमें दो दुकाने स्थानीय बंगा रोड और एक दुकान खोथड़ा रोड फगवाड़ा पर मौजूद हैं को नक्शा पास न होने के कारण सील किया था। लेकिन फिर भी इन दुकानों में निर्माण का कार्य इनके मालिकों द्वारा बंद नहीं किया गया है। जब नगर निगम के अधिकारियों ने दुकान के मालिक बलविंदर सिंह पुत्र बलबीर सिंह से पूछा तो उसने जवाब दिया कि उसके द्वारा निर्माण की जा रही दुकानों का नक्शा निगम द्वारा पास किया गया है और इस संबंधी निगम को हजारों रुपए की बनती फीस भी जमा करवाई गई है। इसके उपरांत बलविंदर सिंह ने निगम अधिकारियों को दुकानों के पास किए गए नक्शे और जमा करवाई गई हजारों रुपए रकम की सरकारी रसीद बतौर सबूत प्रस्तुत की है।निगम कमिश्नर राजीव वर्मा ने बताया कि जब उनके द्वारा बलविंदर सिंह की निर्माण की जा रही दुकानों संबंधी फाइल जो उसने खुद निगम अधिकारियों को दी है की बारीकी से जांच की गई तो उन्होंने देखा कि नगर निगम की बताई जा रही रसीद का नंबर 178 है जो की पूरी तरह से नकली और जाली है। उन्होंने तर्क देते हुए बताया कि निगम की रसीद जी 8 में सिर्फ 1 से 50 पर्चियां ही काटी जा सकती है। इस मामले को लेकर जब और बारीकी से जांच की गई तो यह तथ्य खुलकर सामने आया कि जिस नक्शे और रसीद को फाइल में निगम का बताया जा रहा है वह पूरी तरह से फर्जी और नकली है।

वर्मा ने बताया कि इस सारे कारनामे को यहां पर कार्यरत एक आर्किटेक्ट द्वारा अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि पता लगा है कि इसी आर्किटेक्ट द्वारा और भी कई जाली रसीदें आदि देकर नक्शे पास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आर्किटेक्ट के खिलाफ नगर निगम फगवाड़ा की जाली रसीदें और नक्शे पास इत्यादि करने को लेकर एसपी फगवाड़ा को लिखित तौर पर शिकायत कर मांग की गई है कि इसके विरूद्व धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि इस आर्किटेक्ट का निगम स्तर पर लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा और उसके द्वारा जारी किए गए सभी नकशों संबंधी विस्तार सहित जानकारी प्राप्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इस आर्किटेक्ट के साथ और भी कई लोग शामिल हो जो गैंग बनाकर यह सब फर्जीवाडों को लंबे समय से अंजाम देते रहे हों। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि यह सारा मामला लाखों में नहीं अपितु करोड़ों रूपए में हुई ठगी का रहा हो। उन्होंने कहा कि निगम स्तर पर उनके द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है जो इस सारे फर्जीवाड़े की गहराई से जांच करने के बाद 15 दिनों में रिपोर्ट देगी। निगम कमिश्नर राजीव वर्मा ने दावा किया कि निगम के पास दो जाली रसीदें जिनमें 60185 रूपए  दिनांक 15 मार्च 2021 और 42470 रूपए की है बतौर सबूत मौजूद है।


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Vatika

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