बरनाला: कूड़े के ढेरों पर विधायक का कानूनी वार, नगर निगम अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें

punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 11:00 AM (IST)

बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): शहर में पसरी गंदगी और नगर निगम की बेपरवाही अब सियासी गलियारों से निकलकर अदालत के दरवाजे तक पहुंच गई है। कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों ने नगर निगम बरनाला के वरिष्ठ अधिकारियों को कानूनी नोटिस थमाकर साफ संदेश दे दिया है कि जनता के साथ यह खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने अपने वकील प्रीतमिंदर सिंह के जरिए यह नोटिस भेजा है और चेतावनी दी है कि अगर जल्द सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी तो अधिकारियों को हाईकोर्ट तक घसीटा जाएगा।

गंदगी का अंबार- प्रशासन की नाकामी का आईना 

बरनाला शहर इन दिनों कूड़े के ढेरों तले दब गया है। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं और नगर निगम प्रशासन ने न तो उनकी मांगें सुनीं और न ही सफाई का कोई वैकल्पिक प्रबंध किया। नतीजा यह है कि बाजार, गलियां, चौराहे और यहां तक कि सिविल अस्पताल के ठीक सामने तक कूड़े के विशाल ढेर लग चुके हैं। इन ढेरों से उठती दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों के कारण शहरवासियों में डायरिया, टाइफाइड और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

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हाईकोर्ट के पुराने आदेश बने हथियार 

इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि शहर में सफाई बनाए रखना केवल नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कानूनी बाध्यता भी है। दिनेश कुमार और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से 12 सितंबर 2014 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका CWP-18681-2014 पर जस्टिस आशु टोस महेंता और जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की बेंच ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि नगर कॉसल के अधिकारी शहर में सफाई का उचित प्रबंध करने के लिए पूरी तरह बाध्य हैं।

विधायक ढिल्लों ने इन्हीं आदेशों को अपना कानूनी आधार बनाया है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश आज भी पूरी तरह लागू हैं और नगर निगम के अधिकारी उनकी खुलेआम अवमानना कर रहे हैं। कानूनी नोटिस में साफ लिखा गया है कि यदि अधिकारी इन आदेशों की रोशनी में शहर में सफाई बहाल करने में नाकाम रहते हैं, तो यह मामला दोबारा हाईकोर्ट में ले जाया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम के अधिकारियों पर होगी।

विधायक ढिल्लों ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि सिस्टम की खामियों के खिलाफ आवाज उठाता है, वही असली लोकनायक है। उन्होंने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को आगाह किया कि शहर में सफाई सेवकों की हड़ताल को तत्काल सुलझाया जाए और सफाई की पुख्ता व्यवस्था की जाए अन्यथा हाईकोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज कराने में कोई देरी नहीं होगी।

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News Editor

Kalash

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