बिट्टू के राहुल गांधी पर दिए बयान पर भड़के कभी उनके करीबी दोस्त रहे पूर्व मंत्री आशु

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 04:12 PM (IST)

लुधियाना (विक्की): लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर टिप्पणी करने के मामले में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेसियों के निशाने पर आ गए हैं। किसी समय में बिट्टू के बेहद करीबी दोस्त माने जाते पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू ने भी रेल राज्य मंत्री बिट्टू  द्वारा राहुल गांधी को "देश का दुश्मन" कहे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। आशु ने इन टिप्पणियों को दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया। यही नहीं आशु ने बिट्टू को ऐसी बयानबाज़ी से पहले आत्ममंथन करने की सलाह दी।

आशु ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि जिस बिट्टू का पूरा राजनीतिक करियर कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के भरोसे खड़ा हुआ वही आज राहुल गांधी के खिलाफ इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिट्टू यह कतई न भूले कि कांग्रेस और गांधी परिवार के समर्थन से ही बिट्टू तीन बार सांसद बने हैं और जब कांग्रेस छोड़ी तो उसके बाद वाला चुनाव ही नहीं जीत पाए। आशु ने कहा जिन्होंने बिट्टू पर भरोसा किया, आज उन्हीं को दुश्मन कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।  आशु ने तंज कसते हुए कहा कि आज अगर आप भाजपा के पोस्टर बॉय बन गए हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ाने वालों को भूल जाएं और राजनीतिक सुविधा के लिए उन्हें गालियां दें।

पूर्व मंत्री ने कहा कि बिट्टू दिल से जानते हैं कि गांधी परिवार ने उन्हें कैसे आगे बढ़ाया और कई मौके दिए और राजनीतिक रूप से तैयार भी किया।  आशु ने आरोप लगाया कि सत्ता की लालसा में बिट्टू ने  कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व से विश्वासघात करने का रास्ता चुना।  आशु ने यह भी कहा कि यह और ज्यादा पीड़ादायक है कि ऐसे शब्द उस व्यक्ति की ओर से आ रहे हैं जिनके दादा दिवंगत बेअंत सिंह ने भाजपा की विचारधारा के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर पंजाब और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि बेअंत सिंह की विरासत का दावा करने वाला व्यक्ति आज उन्हीं मूल्यों से मुंह मोड़ चुका है। भारत भूषण आशु ने कहा, गांधी परिवार ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है। यह भारत के इतिहास का हिस्सा है। राहुल गांधी पर उंगली उठाने से पहले बिट्टू को याद रखना चाहिए कि बेअंत सिंह और गांधी परिवार ने एक ही उद्देश्य के लिए संघर्ष किया था।  आशु ने कहा कि व्यक्तिगत हमले और इस तरह के गैर-जिम्मेदार बयान सार्वजनिक जीवन की गरिमा को गिराते हैं और सच्चाई नहीं, बल्कि राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं।


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Vatika

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