पंजाब भर में आधार कार्ड को लेकर बड़ी खबर! राज्य के लोगों के लिए खड़ी हुई नई टेंशन

punjabkesari.in Saturday, Oct 17, 2026 - 11:04 AM (IST)

जीरकपुर (धीमान): सर्विस सेंटर ऑपरेटरों पर आधार और टोकन के नाम पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाने और सैलरी से किश्तों में इसकी वसूली के विरोध में पूरे राज्य में आधार से जुड़े काम ठप हो गए हैं। सर्विस सेंटर मुलाजिम यूनियन पंजाब ने 13 अक्टूबर से आधार और टोकन सिस्टम से जुड़े काम बंद करने का आह्वान किया था। ऑपरेटरों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक काम बंद रहेगा। काम रुकने से सर्विस सेंटर पर आधार बनवाने और उसमें बदलाव करवाने पहुंच रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। समय पर आने के बावजूद उन्हें बिना काम करवाए लौटना पड़ रहा है। दिहाड़ी मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्गों के लिए बार-बार सेंटर पहुंचना और भी मुश्किल हो गया है। 

सर्विस बहाल होने का समय साफ न होने से लोग इस उलझन में हैं कि वे अपने काम पर कब लौटेंगे। यूनियन के स्टेट प्रेसिडेंट बलजिंदर सिंह माझा और जनरल सेक्रेटरी गुरसेवक सिंह चहल की तरफ से 12 अक्टूबर को प्रशासनिक सुधार विभाग के डायरेक्टर को भेजे गए पत्र की कॉपी डिप्टी कमिश्नर मोहाली को भी भेजी गई है। पत्र में आरोप है कि कंपनी ने कंपनी ने जुर्मानों की सूची जारी करके तनख्वाह में से वसूली के लिए किश्तें बना दी हैं। यूनियन के मुताबिक, पिछली हड़ताल के दौरान डिपार्टमेंट और कंपनी के बीच जुर्माने न लगाने के एग्रीमेंट के बावजूद फिर से कटौती की जा रही है।

यूनियन ने सवाल उठाया कि किस दिन, किस टोकन पर और किस ऑपरेटर की गलती से जुर्माना लगाया गया, इसकी साफ डिटेल क्यों नहीं दी गई। पत्र में बिजली कटौती, सर्वर खराब होने और दूसरी टेक्निकल दिक्कतों की भूमिका पर भी सफाई मांगी गई है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने सैलरी से इस तरह की रिकवरी के लिए कंपनी से कोई एग्रीमेंट नहीं किया था। लोहगढ़ सेवा केंद्र के ऑपरेटर गुरजंट सिंह ने कहा कि किसी पर 1.5 लाख रुपये तो किसी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि महीने की सैलरी से 10,000 से 12,000 रुपये की कटौती से परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उनके मुताबिक, पूरे पंजाब में आधार का काम रुका हुआ है और अगला फैसला 17 अक्टूबर को लुधियाना में मीटिंग के बाद लिया जाएगा।

कटौती करने का मांगा लिखित भरोसा

ऑपरेटर सुरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सैलरी 10,500 रुपये है, जबकि उन पर 2 लाख 61 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस महीने उनकी सैलरी से 3,200 रुपये काटे गए हैं। डेढ़ साल की बेटी के पिता सुरिंदर ने मांग की कि उन्हें गलतियों वाले डॉक्यूमेंट दिखाए जाएं। उन्होंने सवाल किया कि जुर्माना लाखों में पहुंचने से पहले चेतावनी क्यों नहीं दी गई। यूनियन ने सफाई कर्मचारियों और सिक्योरिटी गार्डों की एक महीने की बकाया सैलरी और DSD और LRO ऑपरेटरों का ट्रैवल अलाउंस देने की भी मांग की है। काटी गई रकम पूरी वापस करने और भविष्य में ऐसी कटौती न करने का लिखित भरोसा भी मांगा गया है।

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News Editor

Urmila

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