पंजाब के बिजली खपतकारों के लिए बड़ी मुसीबत! बिलों ने बढ़ाई परेशानी, ऑफिस में...
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 11:30 AM (IST)
जीरकपुर (धीमान): जीरकपुर पावरकॉम ऑफिस में कर्मचारियों की भारी कमी और पिछले डेढ़ महीने से मीटर रीडर्स की चल रही हड़ताल का सीधा असर हजारों बिजली खपतकारों पर पड़ रहा है। स्टाफ की कमी के कारण ऑफिस का रोजाना का कामकाज प्रभावित हो रहा है, वहीं एवरेज बिल, नए मीटर और अकाउंट नंबर से जुड़ी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में लोग रोजाना ऑफिस के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, जीरकपुर पावरकॉम ऑफिस में करीब 40 कर्मचारियों की मंजूरशुदा स्ट्रेंथ है, लेकिन इस समय पूरा काम सिर्फ दो से चार कर्मचारियों के सहारे चल रहा है। इस वजह से बिजली बिल में बदलाव, नए कनेक्शन, नाम बदलवाने, अकाउंट नंबर की जानकारी और दूसरे कामों के लिए आने वाले कंज्यूमर्स को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार तो काम न होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। मीटर रीडर्स और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की चल रही हड़ताल ने हालात को और गंभीर बना दिया है। डेढ़ महीने से मीटर रीडिंग का काम प्रभावित होने की वजह से बड़ी संख्या में खपतकारों को एवरेज बिल जारी किए जा रहे हैं। कई खपतकारों का कहना है कि ये बिल उनकी असल बिजली खपत से कहीं ज्यादा हैं। जब वे अपने बिल रिवाइज करवाने के लिए ऑफिस पहुंचते हैं, तो स्टाफ की कमी की वजह से उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है।
ऑफिस में रोजाना भीड़ से कर्मचारियों पर काम का प्रेशर बढ़ा
नए बिजली मीटर लगने के बाद पुराने अकाउंट नंबर बदलकर नए नंबर कर दिए गए हैं। साथ ही, बिल ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। चूंकि कई खपतकारों को इस बदलाव के बारे में पता नहीं है, इसलिए वे नए अकाउंट नंबर और बिल की जानकारी लेने के लिए ऑफिस पहुंच रहे हैं। इस वजह से ऑफिस में रोज भारी भीड़ लग रही है और कर्मचारियों पर काम का प्रेशर बढ़ गया है। खपतकारों का कहना है कि उन्हें छोटे से काम के लिए भी कई घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार तो पूरा दिन बीत जाने के बाद भी काम नहीं होता और उन्हें दोबारा ऑफिस आना पड़ता है। लोगों ने मांग की कि ऑफिस में जरूरत के हिसाब से स्टाफ तैनात किया जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
खपतकारों की प्रॉब्लम सॉल्व करने की कोशिश कर रहे हैं SDO
पावरकॉम जीरकपुर के SDO (कमर्शियल) हेमंत कुमार ने कहा कि ऑफिस में इस समय स्टाफ की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि करीब 40 मुलाजिमों की मंजूर स्ट्रेंथ के मुकाबले, सिर्फ दो से चार मुलाजिम ही पूरा काम संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीटर रीडर्स की स्ट्राइक का भी काम पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट नहीं चाहता कि खपतकारों को किसी तरह की परेशानी हो और वे खुद हर दिन बड़ी संख्या में लोगों से मिलकर उनकी प्रॉब्लम सॉल्व करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने खपतकारों से अपील की कि वे इस मुश्किल समय में डिपार्टमेंट का सहयोग करें।
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