टारगेट किलिंग के आरोपी आतंकी रमन का भाई चला रहा था गैंग, 6 साथियों सहित गिरफ्तार

1/12/2020 11:36:52 AM

लुधियाना(स.ह.): टारगेट किलिंग मामले में एन.आई.ए. की टीम द्वारा गिरफ्तार किए आतंकी रमन का भाई अजमेर सिंह उर्फ काला बस्ती जोधेवाल इलाके में अपना गैंग चला रहा था जो तेजधार हथियारों के बल पर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देता था। 

थाना बस्ती जोधेवाल की पुलिस ने अजमेर सिंह व उसके अन्य 6 साथियों को गिरफ्तार किया है। ए.डी.सी.पी. गुरप्रीत सिंह सिकंद ने बताया कि पिछले काफी समय से बस्ती जोधेवाल व उसके आसपास के इलाकों में लूटपाट की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों से 30 के करीब लूटपाट की वारदातें हल होने की संभावना है। आरोपियों से बरामद किए मोटरसाइकिलों को लेकर भी जांच की जा रही है कि वे चोरी के हैं या आरोपियों के। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। 

ए.सी.पी. नॉर्थ अनिल कोहली की अगुवाई में इंस्पैक्टर अर्शदीप कौर की टीम गहलेवाल कट पर नाकाबंदी कर चैकिंग कर रही थी। टीम को सूचना मिली कि उक्त आरोपी इलाके में ए.टी.एम. या किसी बड़ी फैक्टरी में लूट करने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए काली सड़क मेन रोड पर शराब के ठेके के निकट खाली प्लाट में वारदात की योजना बनाते हुए इन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गैंग सरगना अजमेर सिंह उर्फ काला, नरेंद्र सिंह उर्फ काका, सन्नी वर्मा नूरवाला रोड, बरकत खान उर्फ गुड्डू, हरविंदर सिंह उर्फ रिंकू उर्फ हैरी, सुमित कन्नौजिया उर्फ गोलू, तरणदीप वर्मा उर्फ तारी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों से 10 मोबाइल फोन, सब्बलों समेत 7 तेजधार हथियार, 2 मोटरसाइकिल व अन्य सामान बरामद किया है। 

आरोपियों ने शुरूआती पूछताछ के दौरान बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशा खरीदने के लिए ही वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों अजमेर व नरेंद्र का पहले अलग-अलग गैंग था और फिर दोनों ने मिलकर एक ही गैंग बना लिया। आरोपी रात को फैक्टरियों से छुट्टी कर वापस जा रहे लोगों को तेजधार हथियारों के बल पर डरा-धमकाकर लूटते थे। आरोपियों ने कुछ समय पहले तलवंडी में एक शराब के ठेके को लूटने के अलावा अन्य कई दुकानदारों से भी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों में सन्नी वर्मा के खिलाफ पहले भी लूटपाट के मामले दर्ज हैं और आरोपी 11 दिसम्बर को ही जेल से जमानत पर छूट कर आया था, जबकि दूसरे आरोपी नरेंद्र सिंह के खिलाफ नशा तस्करी व लूटपाट के मामले दर्ज हैं और वह भी करीब 1 साल पहले ही जेल से जमानत पर छूट कर आया था। जेल से छूटने के बाद ही नरेंद्र ने अपना गैंग सक्रिय किया था। उसकी दोस्ती अजमेर के साथ थी जिस पर दोनों ने मिलकर वारदातों को अंजाम दिया। 

शुरूआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 6 वारदातें बस्ती जोधेवाल, 3 सलेम टाबरी, 4 थाना दरेसी के अलावा बहादुर के रोड, राहों रोड, जस्सियां व जी.टी. रोड के निकट गांवों में वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी बदल-बदलकर मोटरसाइकिलों पर वारदात करने के लिए जाते थे और वारदात के दौरान नशे में रहते थे। आरोपियों से उनके गैंग के अन्य बदमाशों के अलावा वारदातों को लेकर भी पता लगाया जा रहा है। आरोपियों से रिकवरी होने की संभावना है। 

आतंकी रमन के भाई से की जा रही विशेष पूछताछ
पुलिस के अनुसार गैंग के सरगना व आतंकी रमन के भाई अजमेर को लेकर पुलिस टीम की तरफ से विशेष पूछताछ की जा रही है। पुलिस अजमेर से अलग-अलग एंगल पर जांच कर रही है और उसके फोन व उससे बरामद अन्य सामान को लेकर भी गहनता से जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो उसके फोन की फॉरैंसिक जांच भी करवाई जा रही है कि अजमेर किसी दूसरी तरह की गतिविधियों में तो शामिल नहीं है। फिलहाल इस संबंध में कोई भी अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है।   


Edited By

Sunita sarangal

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