मंत्रिमंडल की बैठक में ‘पंजाब राइट टू बिजनैस एक्ट-2020'' को मंजूरी

1/14/2020 8:47:48 PM

चंडीगढ़: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए कारोबार को आसान बनाने के उद्देश्य से पंजाब मंत्रिमंडल ने 16 जनवरी से शुरू हो रहे दो दिवसीय विधानसभा के विशेष सत्र में ‘पंजाब राइट टू बिजनैस एक्ट-2020 (पंजाब व्यापार का अधिकार एक्ट-2020) लाने के लिए हरी झंडी दे दी है। इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। 

इस एक्ट का उद्देश्य नये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की स्थापना और चलाने के लिए स्वै-घोषणा के उपबंध के अलावा विभिन्न मंजूरियों और पड़तालों से छूट देकर इन नई इकाईयों पर रेगुलेटरी का बोझ घटाना है। इस एक्ट से विभिन्न रेगुलेटरी सेवाएं इसके घेरे में आ जाएंगी जिनमें पंजाब म्युसीपल एक्ट-1911 और पंजाब म्यूंसिपल कोर्पोरेशन एक्ट-1976 के अंतर्गत इमारत योजना और नए व्यापार लाइसेंस का मुकम्मल और कब्जा सर्टिफिकेट जारी करना, पंजाब रीजनल एंड टाऊन प्लैनिंग एंड डिवैल्पमैंट एक्ट-1995 के अंतर्गत इमारत योजना और चेंज ऑफ लैंड का प्रयोग, पंजाब फायर प्रीवैंशन और फायर सेफ्टी एक्ट-2004 के अंतर्गत एतराजहीनता सर्टिफिकेट, पंजाब फैक्ट्री रूल्ज-1952 के अंतर्गत फैक्ट्री बिल्डिंग प्लान और फैक्ट्री लाइसेंस और पंजाब शॉप्ज एंड कमर्शियल एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट-1958 के अंतर्गत दुकानों की रजिस्ट्रेशन या स्थापना शामिल है। 

पंजाब के उद्योगों और मुख्य तौर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का दबदबा है। यहां एम.एस.एम.ई. इकाईयों का एक समृद्ध औद्योगिक आधार है जो ऑटो कॉम्पोनैंट्स, साइकिल पाटर्स, हौजरी, खेल का सामान, कृषि यंत्र और अन्य बहुत से क्षेत्रों से सम्बन्धित हैं। सरकार की मुख्य प्राथमिकता राज्य में कारोबार को आसान बनाना है और रोजगार और विकास में वृद्धि के लिए व्यापारिक माहौल में सुधार करना है। बैठक में विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल वीपी बदनौर को अधिकृत किया गया। संविधान के 126वें संशोधन की पुष्टि करने के लिए एक प्रस्ताव लाने तथा वस्तुओं एवं सेवा एक्ट को कानूनी रूप देने को भी मंजूरी दे दी।
 


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