‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला, नए सख्त निर्देश जारी, पढ़ें...
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 11:53 AM (IST)
पंजाब डेस्क: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के ताजा आदेशों के अनुसार, अब सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों के आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजाया जाएगा और इसके दौरान सभी उपस्थित लोगों के लिए सम्मान में खड़े होना आवश्यक होगा।
नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ दोनों बजाए जाते हैं, तो ‘वंदे मातरम्’ पहले प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान सभी को सावधान की मुद्रा में खड़े रहकर सम्मान प्रदर्शित करना होगा। अब तक आमतौर पर ‘वंदे मातरम्’ के पहले 2 छंद ही गाए जाते थे, लेकिन नए निर्देशों के अनुसार इसका पूरा संस्करण बजाया जाएगा, जिसकी अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड बताई गई है। अभी तक 'वंदे मातरम' के पहले 2 छंद ही गाए जाते थे, लेकिन अब 6 छंद का पूरा वर्जन बजाया जाएगा, जो 3 मिनट 10 सेकंड का होगा। इस पूरे गाने में दुर्गा समेत तीन हिंदू देवियों का ज़िक्र है।
इन मौकों पर अनिवार्य
- तिरंगा फहराने के समय
- राष्ट्रपति और राज्यपाल के आगमन तथा उनके संबोधन से पहले और बाद में
- पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों में
- सरकारी स्कूलों और आधिकारिक कार्यक्रमों में
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम सिनेमा हॉल पर लागू नहीं होंगे। फिल्म शुरू होने से पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाना या खड़े होना अनिवार्य नहीं होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी। यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशभक्ति का प्रतीक बना। समय-समय पर इसके स्वरूप को लेकर राजनीतिक बहस भी होती रही है, लेकिन वर्तमान निर्देशों के जरिए सरकार ने इसे औपचारिक कार्यक्रमों में अधिक प्रमुखता देने का निर्णय लिया है।
बदलाव के पीछे का उद्देश्य
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से राष्ट्रीय गीत के मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। अलग-अलग कार्यक्रमों में होने वाली प्रस्तुतियों में एकरूपता लाने के लिए यह समय सीमा और छंदों की संख्या तय की गई है। अब सभी सरकारी आयोजनों में इसी तय मानक के अनुसार वंदे मातरम् की गूंज सुनाई देगी।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

