सब्जी मंडियों में रंगीन लाइटों पर लगेगी रोक, विक्रेताओं के लाइसेंस होंगे रद्द!
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 03:25 PM (IST)
पंजाब डेस्क : सब्जी मंडियों में विक्रेताओं पर सख्त एक्शन की तैयारी चल रही है। दरअसल, चंडीगढ़ नगर निगम सब्जी मंडी में विक्रेताओं द्वारा रंगीन लाइटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके चलते इन पर एक्शन लिया जा रहा है। सब्जी मंडियों में सब्जियों और फलों को आकर्षक दिखाने के लिए विक्रेता रंगीन लाइटों का इस्तेमाल करते है। नगर निगम की कमेटी ने हरी, पीली, लाल या अन्य रंगों की लाइटों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस तक रद्द किए जा सकते हैं।
यह एजेंडा आगामी हाउस मीटिंग में रखा जाएगा। नगर निगम कमेटी के सदस्य एवं पार्षद गुरप्रीत गाबी के मुताबिक, लोग मंडियों में ताजी और साफ-सुथरी सब्जियां व फल खरीदने पहुंचते हैं, लेकिन कई विक्रेता रंगीन लाइटों का इस्तेमाल कर उनकी वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश करते हैं। यानी कि रंगीन लाइटों में सब्जियां और फल फ्रैश और साफ-सुथरी लगें।
सब्जियों पर हरी रोशनी और फलों पर पीली या लाल रोशनी डाली जाती है। इससे ग्राहक को सामान ताजा और बेहतर नजर आता है, जबकि घर पहुंचने पर खराब निकलते है। पार्षद गाबी ने इसे ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसके अलावा मंडियों में प्लास्टिक बैग और अन्य कचरा फैलाने वाले विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की तैयारी है। प्रस्ताव में किसानों को मंडी फीस में 50 फीसदी छूट देने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
इन रंगीन लाइटों का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त एक्शन की तैयारी चल रही है। कानून तोड़ने वाले विक्रेताओं का चालान भी किया जा सकता है। अगर किसी विक्रेता का 3 बार चालान हो गया तो उसका 6 महीने का लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है। अब से नीली, पीली, हरी या फिर अन्य रंगों की लाइटें लगाने पर विक्रेताओं का लाइसेंस कैंसिल किए जा सकते है। जानकारी के मुताबिक, ये प्रस्ताव अगले महीने यानी कि अक्टूबर में आएगा। प्रशासन की मंजूरी मिलने पर इसे लागू भी किया जाएगा।
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