सावधान! WhatsApp पर ₹2,000 का दिवाली गिफ्ट जीतने का मैसेज आया तो न करें Click, खाली हो सकता है बैंक खाता

punjabkesari.in Tuesday, Nov 03, 2026 - 09:30 AM (IST)

लुधियाना (राज): त्योहारों के सीजन में आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए सक्रिय हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के खिलाफ लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने विशेष डिजिटल जागरूकता अभियान छेड़ा है। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर (CP) ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर 48 सेकंड का एक प्रभावी वीडियो संदेश साझा कर जनता को साइबर ठगों के नए और खतरनाक हथकंडे से आगाह किया है। पुलिस के अनुसार, त्योहारों के उल्लास का फायदा उठाकर ठग वॉट्सऐप पर आकर्षक तोहफों का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं।

'₹2,000 का दिवाली गिफ्ट वाउचर': ऐसे बुना जा रहा है ठगी का जाल
कमिश्नर ऑफ पुलिस ने वीडियो में विस्तार से समझाया कि आजकल नागरिकों के वॉट्सऐप नंबरों पर एक लुभावना मैसेज भेजा जा रहा है। इस संदेश में दावा किया जाता है कि संबंधित व्यक्ति ने '2,000 रुपये का दिवाली गिफ्ट/तोहफा' जीत लिया है। इनाम की रकम हासिल करने के लिए मैसेज के नीचे एक वेब लिंक दिया होता है और यूजर से उस पर तुरंत क्लिक करने को कहा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति लालच या उत्सुकता में आकर उस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल फोन में खतरनाक मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है। इससे उसका फोन रिमोटली हैक हो जाता है और साइबर अपराधी कुछ ही सेकंडों में बैंक खाते से सारा पैसा साफ कर देते हैं।

विदेशी धरती से संचालित हो रहा सिंडिकेट, करीबी के भेजे लिंक पर भी न करें भरोसा
पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया है कि इस साइबर ठगी के तार भारत से बाहर अन्य देशों में बैठे साइबर गिरोहों से जुड़े हैं। साइबर सेल ने नागरिकों से बेहद सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे किसी भी संदिग्ध या अनजान लिंक पर कतई क्लिक न करें। उन्होंने आगाह किया कि अक्सर हैक हुए फोन से यह लिंक अपने आप दोस्तों और रिश्तेदारों के ग्रुप्स में फॉरवर्ड हो जाता है, इसलिए अगर लिंक आपके किसी बेहद करीबी परिचित ने भी भेजा हो, तब भी उस पर क्लिक करने से बचें।

'2,000 रुपये किसी के लिए छोटी रकम, पर गरीब के लिए पूरी दिवाली'
वीडियो संदेश के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अत्यंत संवेदनशील और भावुक अपील करते हुए कहा कि 2,000 रुपये की रकम शायद किसी संपन्न व्यक्ति के लिए मामूली हो सकती है, लेकिन समाज के गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए यह उनकी पूरी दिवाली का बजट और खुशियां होती हैं। जब कोई मजदूर या छोटा कारोबारी ऐसे फ्रॉड में अपनी जमा-पूंजी गंवा देता है, तो उसका पूरा परिवार त्योहार पर आंसुओं में डूब जाता है। इसलिए हर नागरिक का यह दायित्व है कि वह खुद भी सतर्क रहे और अपने आसपास के लोगों को भी इस बारे में जागरूक करे।

ठगी का शिकार होने पर क्या करें? तत्काल 1930 पर करें डायल
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में झांसे में आकर इस प्रकार की ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय तत्काल एक्शन लें। पीड़ित को बिना एक पल गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। समय रहते (गोल्डन ऑवर में) सूचना देने पर साइबर सेल द्वारा ठगी गई रकम को बैंक स्तर पर ही फ्रीज करवाया जा सकता है। इसके अलावा, नजदीकी पुलिस स्टेशन के साइबर हेल्प डेस्क पर भी इसकी लिखित शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।


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Vatika

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