ओमान में फंसीं जालंधर-कपूरथला की 2 लड़कियां घर लौटीं, बयां किया दर्द

punjabkesari.in Sunday, Oct 04, 2026 - 03:31 PM (IST)

सुल्तानपुर लोधी (धीर): ओमान के मस्कट में नौकरी का झांसा देकर फंसी जालंधर और कपूरथला जिलों की दो पंजाबी लड़कियां संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से सुरक्षित भारत लौट आई हैं। परिवारों के अनुसार दोनों लड़कियों को अच्छी नौकरी और मोटी तनख्वाह का भरोसा देकर ओमान भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात कथित तौर पर बिल्कुल उलट हो गए। परिवारों ने लड़कियों के साथ प्रताड़ना, धमकियां देने और पैसों की मांग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया में अपने परिवारों के साथ पहुंचीं दोनों लड़कियों ने संत सीचेवाल का धन्यवाद किया। परिवारों ने बताया कि उनके द्वारा लिखित अर्जियां देकर अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी गई थी। दोनों मामलों में लड़कियों को ओमान भेजने वाली महिलाओं की भूमिका ट्रैवल एजेंट के रूप में बताई गई है और परिवारों द्वारा पुलिस के पास शिकायतें भी दर्ज करवाई गई हैं। लड़कियों ने बताया कि उन्हें मुंबई एयरपोर्ट के रास्ते ओमान भेजा गया था।

नौकरी की जगह कथित तौर पर गलत काम की ओर धकेलने की कोशिश

जालंधर जिले की वापस आई लड़की ने बताया कि वह मार्च महीने में ओमान गई थी। उसके अनुसार मरियम नाम की लड़की ने उसे ब्यूटी पार्लर में काम और 25 से 30 हजार रुपये मासिक वेतन का भरोसा दिया था। परिवार के अनुसार लड़की का पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया गया और उसे जान से मारने की धमकियां दी गईं। परिवार ने आरोप लगाया कि मरियम द्वारा कभी 20 हजार और कभी 35 हजार रुपये की मांग की जाती रही। बेटी की सलामती के लिए परिवार को अपना मोटरसाइकिल तक बेचना पड़ा। परिवार ने 1 जुलाई को संत सीचेवाल के कार्यालय से संपर्क किया और लगातार प्रयासों के बाद लड़की 7 सितंबर को सुरक्षित भारत लौट आई।

घर गिरवी रखकर दिए एक लाख, फिर भी और पैसों की मांग

कपूरथला जिले से संबंधित दूसरी लड़की के परिवार ने बताया कि उनकी बेटी को गांव की रहने वाली अंजू नाम की लड़की के माध्यम से ओमान में घरेलू काम दिलाने का कहकर ले जाया गया था। परिवार के अनुसार शुरुआती करीब दो महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में लड़की की तबीयत खराब हो गई और उसे आवश्यक इलाज व दवाइयां नहीं मिलीं।

परिवार ने आरोप लगाया कि लड़की को भारत वापस भेजने के लिए एक लाख रुपये की मांग की गई। बेटी की वापसी के लिए परिवार ने अपना घर गिरवी रखकर एक लाख रुपये का प्रबंध किया और संबंधित व्यक्तियों को दिए। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद और पैसों की मांग की गई तथा अन्य लड़कियों को ओमान भेजने के लिए भी दबाव बनाया गया। परिवार ने 11 अगस्त को संत सीचेवाल से संपर्क किया और उनके प्रयासों के चलते लड़की 23 अगस्त को सुरक्षित भारत लौट आई।

मस्कट में 130 अन्य लड़कियों के फंसे होने का दावा

मीडिया से बातचीत करते हुए वापस लौटी लड़कियों ने दावा किया कि मस्कट में अभी भी करीब 130 लड़कियां फंसी हुई हैं, जो अपने घर लौटने का इंतजार कर रही हैं। उनके अनुसार कई लड़कियों को नौकरी के सपने दिखाकर विदेश भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि विदेशों में नौकरी के नाम पर मानव तस्करी और शोषण के मामले चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश जाने वाली बेटियां यदि वहां धोखे, प्रताड़ना या शोषण का शिकार होती हैं तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकारों से ऐसे मामलों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग करते हुए लोगों से भी विदेश भेजने से पहले एजैंट, वीजा, नौकरी और काम के स्थान की पूरी जांच-पड़ताल करने की अपील की।

अब तक करीब 190 लड़कियों की सुरक्षित वापसी

विदेशों में मुसीबत में फंसे पंजाबियों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत संत बलबीर सिंह सीचेवाल के हस्तक्षेप से अब तक करीब 190 लड़कियों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है। इनमें विभिन्न देशों में फंसी या कथित शोषण का सामना करने वाली लड़कियां शामिल हैं।

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News Editor

Urmila

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