DIG और SSP ने खुद संभाली कमान! स्पेशल नाका प्वाइंट्स का औचक निरीक्षण
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 08:37 PM (IST)
जैतो (रघुनंदन पराशर): फरीदकोट जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसी का जायजा लेने के लिए नवीन सैनी आई.पी.एस., डी.आई.जी क्राइम और डॉ. प्रज्ञा जैन, एस.एस.पी फरीदकोट द्वारा जिले में विभिन्न नाकों और पेट्रोलिंग पार्टियों का अचानक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों को जरूरी हिदायतें भी जारी कीं।
इस मौके पर नवीन सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि हर प्रकार की आपराधिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना पुलिस प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इसी कड़ी में जिले के अंदर मजबूत और व्यवस्थित नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाले स्थानों और पार्किंग आदि जगहों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इन चेकिंग का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध नियंत्रण को मजबूत करना, गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकना और आम लोगों में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि वाहन जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके और कानून को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाकों पर सख्ती के साथ तैनाती सुनिश्चित की जाए और हर आने-जाने वाले वाहन की जांच ध्यानपूर्वक की जाए।
इस मौके पर एस.एस.पी फरीदकोट डॉ. प्रज्ञा जैन ने बताया कि सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत करने के लिए जिले में डी.एस.पी रैंक के अधिकारियों की निगरानी में थाना और चौकी इंचार्जों की विशेष टीमें बनाकर महत्वपूर्ण स्थानों पर मजबूत नाकाबंदी की गई है, जिसकी सुपरविजन एस.पी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि फरीदकोट पुलिस द्वारा स्नैचिंग जैसे स्ट्रीट क्राइम वाले “हॉटस्पॉट्स” की पहचान की जा रही है, ताकि इन स्थानों पर सुरक्षा प्रबंध और मजबूत किए जा सकें। इससे न केवल गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगेगी बल्कि आपराधिक तत्वों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी। इस दौरान अधिकारियों ने नाकों पर तैनात पुलिस कर्मचारियों के कार्य की बारीकी से समीक्षा की और उन्हें पेशेवर मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस कर्मियों को चेकिंग के दौरान वाहन और ‘पाइस’ जैसी एप्लीकेशनों के उपयोग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

