पंजाब के जर्जर अस्पताल में इलाज का संकट! मरीजों और स्टाफ पर मंडरा रहा खतरा

punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 11:32 AM (IST)

दीनानगर (हरजिंदर सिंह गोराया) : बॉर्डर एरिया के दोरांगला में सरकारी अस्पताल की करीब 70-80 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग के कारण मरीजों और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में छतों से पानी टपकने, बेड गीले होने और वार्डों में पानी भरने से हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। पानी जमा रहने के कारण सांप और दूसरे जहरीले कीड़े निकलने का भी खतरा बना रहता है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंची मरीज रणजीत कौर ने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग की हालत बहुत खराब है। बारिश के दौरान छतों से पानी टपकने के कारण मरीजों के बेड गीले हो जाते हैं। जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Dorangla Hospital

उन्होंने बताया कि दोरांगला का यह अस्पताल आस-पास के करीब 20-25 गांवों के लोगों को सेहत सेवाएं देता है। लेकिन मरीजों के रहने या रात में भर्ती होने के लिए जरूरी प्रबंधों की कमी है। रंजीत कौर ने सरकार से मांग की कि अस्पताल में नए कमरे और वार्ड बनाने के साथ-साथ ज़रूरी दवाइयां और दूसरी बेसिक हेल्थ सुविधाएं भी दी जाएं, ताकि इलाके के लोगों को अच्छा इलाज मिल सके। इस बीच, अस्पताल की स्टाफ नर्स हरजीत कौर ने कहा कि बारिश के दिनों में वार्ड के अंदर पानी भर जाता है। इस वजह से मरीजों और स्टाफ के बैठने की जगह नहीं बचती।

Dorangla Hospital

उन्होंने कहा कि पानी भरने से सांप और दूसरे जहरीले कीड़े निकलने का भी डर रहता है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग की मरम्मत के बारे में पहले भी लिखित बेनती की गई है। लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ है। वहीं, पी.एच.सी. दोरांगला में तैनात डॉ. अमनदीप कौर ने कहा कि पिछली बाढ़ में पुरानी बिल्डिंग को बहुत नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि नई बिल्डिंग और अस्पताल के रेनोवेशन के लिए उच्च अथॉरिटीज को लिखकर बता दिया गया है। डॉ. अमनदीप कौर ने कहा कि एस.डी.एम. दीनानगर और पी.डब्ल्यू.डी. के जे.ई. ने जरूरी एस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ में संबंधित ऑफिस भेज दिए हैं।

Dorangla Hospital

इसके अलावा, पी.डब्ल्यू.डी. डिपार्टमेंट ने भी जर्जर क्लर्क बिल्डिंग को गिराने के लिए मौके का इंस्पेक्शन किया है। डॉ. अमनदीप कौर ने कहा कि अस्पताल के आस-पास का इलाका ऊंचा होने की वजह से अस्पताल के अंदर बारिश का पानी जमा हो जाता है। इस समस्या के पक्के हल के लिए गांव के सरपंच से भी पानी की निकासी के बारे में बात की गई है। ताकि अस्पताल के अंदर बारिश का पानी जमा होने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग से जुड़ी समस्याओं के बावजूद अस्पताल का स्टाफ पूरी ज़िम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहा है और मरीज़ों को सबसे अच्छा इलाज और उपलब्ध हेल्थ सुविधाएं देने की कोशिश कर रहा है।

Dorangla Hospital

इलाके के लोगों और अस्पताल के स्टाफ ने पंजाब सरकार, हेल्थ डिपार्टमेंट और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि दोरांगला सरकारी अस्पताल की जर्जर बिल्डिंग की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द नई बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन शुरू किया जाए। इसके साथ ही बारिश के पानी की निकासी का पक्का इंतज़ाम किया जाना चाहिए और मरीज़ों और स्टाफ़ की सुरक्षा पक्की की जानी चाहिए। इलाके के लोगों का कहना है कि चूंकि यह 20-25 गांवों के लोगों के लिए एक ज़रूरी हेल्थ सेंटर है, इसलिए दोरांगला सरकारी अस्पताल को मॉडर्न सुविधाओं से लैस करना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

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News Editor

Urmila