बिजली बिलों को लेकर पड़ गया पंगा, पावरकॉम के फैसले ने बढ़ाई चिंता
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 06:05 PM (IST)
मलोट (जुनेजा): पावरकॉम विभाग चार महीनों के संयुक्त बिलों को इकट्ठा करने की आड़ में आम लोगों और विशेष रूप से शहर के मध्यम वर्ग के दुकानदारों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बोझ डाल रहा है। इस कारण सरकार का 600 यूनिट की छूट का गणित भी गड़बड़ा गया है और कई लोगों को इसका शिकार होना पड़ा है।
दूसरी ओर उपभोक्ताओं ने सरकार पर मीटर की रीडिंग के बिना ही अंदाजे से यूनिट लिखने का आरोप लगाया है। इसे लेकर लोगों में भारी रोष है। इस संबंध में, ब्लॉक कांग्रेस मलोट के अध्यक्ष शिव कुमार शिवा ने कहा है कि इस बार पंजाब सरकार के बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं और दुकानदारों को बहुत नुकसान हुआ है और उन्हें बहुत ही अवैध और ऊंचे बिजली बिल मिले हैं।
इस संबंध में रॉकी कुमार पुत्र ओम प्रकाश मिड्डा सहित अन्य उपभोक्ताओं ने कहा कि ऐसा लगता है कि बिजली विभाग ने इन बिलों को उपभोक्ताओं को लगभग चार महीनों का अनुमान लगाकर भेजा है। इससे यह भी स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने यूनिटों के अलग-अलग स्लैब बनाए हैं या बिजली की दरों का रेट स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा, कई घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि इस बार मार्च के महीने में ही गर्मी शुरू हो गई थी, जिसके कारण पंखे आदि चलने लगे थे। यदि जनवरी-फरवरी में उनकी बिजली की खपत 600 यूनिट से कम थी, तो कम से कम एक बिल तो माफ होना चाहिए था।
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