पंजाब में सुविधा बनी दुविधा, बिजली बिलों ने दिया झटका, लोगों सदमे में
punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 09:45 AM (IST)
पटियाला/रखड़ा (राणा): पंजाब सरकार राज्य में फ्री बिजली देने के दावे कर रही है और हर फंक्शन में इस बात का जोर-शोर से प्रचार किया जा रहा है कि सरकार राज्य में फ्री बिजली दे रही है, लेकिन 2027 के चुनाव से पहले ही सरकार ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है, जहां एक साथ 4-4 महीने के बिजली बिल देखकर राज्य भर के लोग सदमे में हैं। हैरानी की बात यह है कि 2-3 महीने पहले हुई हड़ताल के कारण मीटर रीडर्स ने मीटर की रीडिंग नहीं ली थी, जिसके कारण बिजली बोर्ड ने एवरेज बिल के हिसाब से खपत मानी और कई कंज्यूमर्स के फोन पर मैसेज आया कि 2 महीने का बिजली बिल जीरो है, लेकिन जैसे ही दूसरे बिल का समय आया, इस बीच मीटर रीडर्स की हड़ताल खत्म हो गई, जिसके कारण 4 महीने की मीटर रीडिंग ली गई।
इस वजह से सरकार की तरफ से माफ की गई 600-600 यूनिट की छूट दरकिनार होती दिखाई दी जब 4 महीने के समय की कुल खपत 1200 माफ यूनिट से ज़्यादा हो गया। मीटर रीडर्स की हड़ताल का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जबकि बिजली बोर्ड को 4 महीने से मिले बिजली बिलों को लेकर पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हल निकालने के लिए बयान दिया था कि बिजली बिल ठीक होने तक थोड़ा इंतजार करें, लेकिन जब कंज्यूमर अपने बिजली बिल ठीक करवाने को लेकर बिजली बोर्ड के सब-डिवीजन के ऑफिस जाते हैं तो पता चलता है कि सरकार ने अभी तक कोई ऑर्डर जारी नहीं किया है, ये बिल पूरे भरने होंगे।
दूसरी तरफ, बिजली सप्लाई में लगातार हो रहे कटों से भी लोग परेशान हो रहे हैं। इतना ही नहीं, सभी विपक्षी पार्टियां और परेशान लोग सरकार और बिजली बोर्ड के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा कोई सुनवाई होती दिखाई नहीं दे रही। अब देखना यह है कि सरकार बिजली बिल की समस्या का समाधान कब और कैसे करेगी, वरना लोगों के गले में बिजली के बढ़े हुए बिल की तलवार लटकती रहेगी।
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