5 दशकों बाद पूर्व सैनिक को मिला पूरी पैंशन का हक

10/9/2019 1:29:15 PM

फरीदकोट (हाली): फरीदकोट के एक 85 वर्षीय पूर्व सैनिक को 5 दशकों की लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद पूरी पैंशन का हक मिला है। आर्म्ड फोर्सिज ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ ने पूर्व सैनिकों के पैंशन लाभ सहित ब्याज 3 महीनों में जारी करने के आदेश दिए हैं।

मिली जानकारी अनुसार पूर्व सैनिक बलवीर सिंह वासी फरीदकोट नवम्बर 1951 में भारतीय फौज में भर्ती हुआ था तथा 1963 में भारतीय फौज ने करीब 12 वर्ष की नौकरी के बाद बलबीर सिंह को आर्मी के मैडीकल बोर्ड द्वारा मैडीकल आधार पर अन्य सेवाओं की जरूरत न होने का आदेश जारी करके आर्मी में से डिस्चार्ज कर दिया था, परंतु उसे आर्मी के नियमों मुताबिक बनती पैंशन नहीं दी गई। बलबीर सिंह ने अपना कानूनी हक लेने के लिए भारत सरकार, चीफ आर्मी स्टाफ, डिफैंस अकाऊंट्स इलाहाबाद, सीनियर रिकार्ड अफसर जबलपुर व डायरैक्टर जनरल मैडीकल सर्विसेज सहित दर्जनों अधिकारियों को पत्र-व्यवहार करके बाद में कानूनी नोटिस भेजकर पैंशन जारी करने की मांग की थी, परंतु फिर भी डिफैंस विभाग ने बलबीर सिंह की पैंशन नियमों मुताबिक जारी नहीं की।

विभाग ने पैंशन से इंकार करते कहा कि बलबीर सिंह की डिसएबिलिटी सिर्फ 10.14 प्रतिशत बनती है परंतु आर्म्ड फोर्सिज ट्रिब्यूनल के मैंबर ए.जी. थपालियल व मोहम्मद ताहीर ने अपने आदेश में बलबीर सिंह की डिसएबिलिटी को 20 प्रतिशत मानते आदेश दिए हैं कि उसकी पैंशन सहित ब्याज अदा की जाए तथा मैडीकल आधार पर पूरी पैंशन न देने वाले आदेश को ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया। ट्रिब्यूनल ने पूर्व सैनिक बलबीर सिंह को यह भी अधिकार दिया है कि अगर वह चाहे तो 28 सितम्बर 1965 से अप्रैल 2012 तक का बकाया लेने के लिए विभाग या ट्रिब्यूनल सामने नई अर्जी दे सकता है। बलबीर सिंह ने कहा कि वह विभागीय पक्षपात का शिकार हुआ था, जिस कारण उसे अपने कानूनी हक लेने के लिए करीब 5 दशकों तक कानूनी लड़ाई लडऩी पड़ी। 


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