गुरदासपुर DC ऑफिस के सामने किसानों का बड़ा प्रदर्शन, रखी मांगें
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 05:33 PM (IST)
गुरदासपुर (हरजिंदर सिंह गोराया): भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) जिला गुरदासपुर द्वारा स्टेट कमेटी के बुलावे किसानों और मजदूरों की 13-14 अहम मांगों को लेकर आज गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर ऑफिस के सामने अनिश्चित समय के लिए विशाल धरना और रोष प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर गुरदासपुर, पठानकोट और आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला प्रधान लखविंदर सिंह, गुरमुख सिंह और दलीप सिंह ने कहा कि पूरे पंजाब में किसानों और मजदूरों की कई जरूरी मांगें लंबे समय से लटक रही हैं। सरकार द्वारा इन मसलों का कोई पक्का हल न किए जाने के कारण किसानों को संघर्ष का रास्त अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नेताओं से सबसे प्रमुख मांग गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की रखी। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर और पठानकोट क्षेत्र में दरिया का इलाका होने के कारण गन्ने की खेती बड़े स्तर पर की जाती है। किसानों को पिछले समय में करीब 416 रुपये प्रति क्विंटल का रेट मिला वह भी कथित तौर पर किश्तों में, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
इसलिए गन्ने का दाम कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल तय करने की मांग की गई। इसके साथ ही नेताओं ने बाहर से चीनी मंगवाने की नीति बंद करने, गन्ना किसानों को उनकी फसल का सही दाम देने और गन्ना उगाने वाले इलाकों के साथ कथित भेदभाव खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गुरदासपुर और शाहपुर इलाके में बड़ी मात्रा में गन्ने का उत्पादन होता है पर सब्सिडी और दूसरी सरकारी सुविधाओं के मामले में इन क्षेत्रों के साथ कथित तौर पर भेदभाव किया जा रहा है।
किसान नेताओं ने पंजाब सरकार से अपनी लैंड पूलिंग पॉलिसी रद्द करने और गांवों में ड्रोन के जरिए किए जा रहे सर्वे की प्रक्रिया बंद करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन और खेतीबाड़ी से जुड़े मामलों पर सरकार को किसानों की सहमति और हितों को पहल देनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और उससे जुड़ी नीतियों का विरोध करने, छोटे व्यापारियों और किसानों की आर्थिकता को सुरक्षित करने और लगातार बढ़ रही महंगाई पर काबू पाने की भी मांग की गई।
नेताओं ने किसानों और मजदूरों के कर्ज माफ करने, किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज झूठे पुलिस केस रद्द करने और कुदरती आफतों से फसलों के नुकसान का सही मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिश के मुताबिक C2+50 परसेंट के फॉर्मूले के तहत फसलों का दाम तय करने की अपनी मांग भी दोहराई। किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक गन्ने के दाम समेत किसानों और मजदूरों की सभी मांगों का कोई ठोस और संतोषजनक हल नहीं निकलता, तब तक DC ऑफिस के सामने किया जा रहा धरना अनिश्चित समय तक पूरे जोर-शोर से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मांगों को नजरअंदाज करती रही, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

