अंगीठी और रूम हीटरों का प्रयोग करने वाले सावधान, पढ़ें सेहत माहिरों की सलाह
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 06:14 PM (IST)
मोगा (संदीप शर्मा): देशभर के साथ-साथ राज्य में भी रोजाना तापमान में गिरावट आने से सर्दी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे लोग इससे बचने के लिए विभिन्न साधनों जैसे हीट कन्वैक्टर, रूम हीटर के साथ-साथ कोयला व लकड़ी से जलने वाली अंगीठी का भी सहारा ले रहे हैं। अगर कोयले व लकड़ी की सहायता से जलाए जाने वाली अंगीठी की बात की जाए तो इसका प्रयोग करने वाले इस बात से अनजान है कि वह इसका प्रयोग कर अपनी कीमती जान जोखिम में डाल रहे हैं और खासतौर पर बंद कमरों में इसका प्रयोग कर ठंड से बचने का प्रयास जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस संबंधी पंजाब केसरी की ओर से शहर के विभिन्न सेहत माहिरों से विशेष तौर पर बातचीत की गई। जिन्होंने अंगीठी का प्रयोग करने से पूरी तरह बचने की सलाह दी है।
अंगीठी छोड़ती है जानलेवा कार्बन मोनोऑक्साइड गैस
इस संबंधी बातचीत करते हुए डा. सीमांत गर्ग, डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. दविंदर सिद्धू , डॉ. अमृतपाल सिंह सोढी और डॉ. रामेंद्र शर्मा ने बताया कि बंद कमरे में लकड़ी और कोयले की सहायता से चलाई जाने वाली अंगीठी से कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और इससे उठने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जो सुगंधहीन है जिस कारण इस कमरे में सोए हुए लोगों को इसकी कोई भी दुर्गंध नहीं आती है और इसके फैलने का पता नहीं चलता। धीरे-धीरे यह जानलेवा गैस पूरे कमरे में फैल जाती है और वहां पर सो रहे लोगों का दम घुटने लगता है। समय पर इसका उपचार न होने के चलते ऐसे व्यक्तियों की कीमती जान तक चली जाती है।
माहिरों की सलाह इन खास बातों का दें ध्यान
वहीं जिले के विभिन्न अस्पतालों के संचालक सेहत माहिरों ने अंगीठी का प्रयोग करने के दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि
*जब आपको नींद आने लगे तो लकड़ी व कोयले की अंगीठी को बाहर कहीं भी सुरक्षित जगह पर रखवा दें। इसे कमरे में रखकर ना सोएं।
*कमरे में क्रॉस हवा आने जाने के लिए खिड़कियों का पूरा प्रबंध होना चाहिए।
*वैसे तो अंगीठी का उपयोग करने से बचें, परंतु अगर बहुत जरूरी है तो कमरे की खिड़की और दरवाजे थोड़ा खुले रखना जरूरी है।
*अगर इलैक्ट्रिक हीटर और हीट कनवर्टर का भी प्रयोग कर रहे हैं तो भी बलोअर और हीटर रात भर ना चलाएं। इससे शॉर्ट सर्किट होने व सपार्किंग होने का खतरा बढ़ जाता है।
*छोटे बच्चों बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित मरीज को तो ऐसे कमरे में बैठने से भी रोकें।
डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. सीमांत गर्ग, डॉ. अमृतपाल सिंह सोढी, डॉ. दविंदर सिद्धू और डॉ. रामेंद्र शर्मा के अनुसार अगर किसी को कमरे में जलाई गई अंगीठी और हीटर के चलते जहरीली गैस चढ़ती है तो सबसे पहले प्रभावित व्यक्ति के सिर में दर्द होना, घबराहट उल्टी वाला मन होना, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना जैसे लक्षण सामने आते हैं। ऐसे व्यक्ति को तुरंत पहले खुली हवा में कमरे से बाहर ले जाएं और इसके बाद उसका उपचार करवाने के लिए उसे नजदीकी अस्पताल जरूर लेकर जाएं, ताकि प्रभावित व्यक्ति की कीमती जान बचाई जा सके।
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