IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: 19 ठिकानों पर ED की Raid, 90 बैंक खाते फ्रीज

punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 11:10 AM (IST)

पंजाब डेस्क:  IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की चंडीगढ़ जोनल टीम ने 12 मार्च को चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में सहित 19 जगहों पर छापेमारी की है। वहीं इस जांच में ED ने 90 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज कर दिए है और डिजिटल व दस्तावेजी सबूत भी जब्त कर लिए गए हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक यह मामला हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों के खातों से जुड़े 597 करोड़ रुपए से संबंधित है। आरोप है कि इन सरकारी फंड्स को बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर रखने की बजाय बिना अनुमति अलग-अलग खातों और कंपनियों में ट्रांसफर किया गया।

ED की कार्रवाई के दौरान बैंक के पूर्व कर्मचारी रिभव ऋषि और अभय कुमार के ठिकानों सहित उनके परिजनों, कुछ कारोबारियों और कई शेल कंपनियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई। जांच के दायरे में आई कंपनियों में स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य फर्म शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ज्वैलर्स और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों की भी जांच की गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक शेल कंपनी बनाकर सरकारी धन को उसमें ट्रांसफर किया और बाद में ज्वैलर्स के खातों के जरिए रकम को इधर-उधर घुमाया। इस दौरान फर्जी बिल बनाकर सोना खरीदने का दिखावा किया गया, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह मजबूत हुआ। ED के अनुसार यह पूरा खेल करीब एक साल से चल रहा था और इसमें बैंक के कुछ पूर्व कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी रिभव ऋषि ने जून 2025 में बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। फिलहाल एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है।

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News Editor

Kamini

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