जसवंत सिंह खालड़ा मर्ड''र केस का आरोपी पूर्व DSP ''लापता''! ''सतलुज'' फिल्म के बाद ढूंढने गई पुलिस तो...
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 01:37 PM (IST)
पटियाला/नाभा (बलजिन्द्र, खुराना) : मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए पूर्व डी.एस.पी. जसपाल सिंह का होशियारपुर जिले के गांव माजी, थाना सदर होशियारपुर में दर्ज पते पर कोई सुराग नहीं मिला है। इसकी पुष्टि होशियारपुर पुलिस ने भी कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 'सतलुज' फिल्म के चर्चा में आने के बाद पूर्व डी.एस.पी. जसपाल सिंह की तलाश शुरू की गई। उसे मई 2023 में नाभा की कृषि (ओपन) जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। फिल्म के बाद नाभा जेल प्रशासन ने होशियारपुर पुलिस को एक पत्र भेजा, जिसमें जसपाल सिंह पुत्र सतपाल सिंह, निवासी चीमा नगर, जालंधर तथा वर्तमान पता गांव माजी, थाना सदर होशियारपुर दर्ज था। हालांकि, होशियारपुर पुलिस द्वारा जांच किए जाने के बाद आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई कि उक्त पते पर जसपाल सिंह पुत्र सतपाल सिंह नहीं रहता। पुलिस ने गांव के जिम्मेदार व्यक्तियों से भी इसकी पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व डी.एस.पी. जसपाल सिंह को मई 2023 में नाभा की ओपन जेल से एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली थी। बताया जाता है कि जमानत के बाद वह कुछ समय तक पुलिस के संपर्क में रहा, लेकिन पिछले काफी समय से उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया है। यह भी सवाल उठ रहा है कि जमानत के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेज किस पते के आधार पर लगाए गए थे। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।
गौरतलब है कि टांडा थाना से जुड़े वर्ष 1996 के एक मामले में पूर्व डी.एस.पी. जसपाल सिंह को 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस सजा को बढ़ाने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से गुरमीत कौर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले में 21 अप्रैल 2026 को सुनवाई हुई थी, जिसके बाद अगली सुनवाई 6 अक्तूबर 2026 निर्धारित की गई है। सजा बढ़ाने का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच पुलिस पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह की तलाश में जुटी हुई है।
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