CM की पोस्ट पर कमेंट करने वाले JE को सस्पेंड करने को लेकर कर्मचारियों की चेतावनी
punjabkesari.in Tuesday, Sep 15, 2026 - 02:12 PM (IST)
पटियाला: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच ने पावरकॉम के एक जूनियर इंजीनियर (JE) के निलंबन को लेकर विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि पटियाला के तोहड़ा सब-डिवीजन में तैनात JE दविंदर मेहरा को मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर कथित आपत्तिजनक कमेंट के मामले में सस्पेंड किया गया है। वहीं, JE और कर्मचारी नेताओं ने इस कमेंट से साफ इनकार करते हुए इसे AI के जरिए तैयार किया गया फर्जी कमेंट बताया है।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, 11 सितंबर को JE दविंदर मेहरा को तोहड़ा सब-डिवीजन कार्यालय बुलाया गया और इसके बाद उन्हें निलंबित कर रिलीव कर दिया गया। बाद में उनका तबादला बठिंडा कर दिया गया। नेताओं का आरोप है कि कर्मचारी को निलंबन का कारण स्पष्ट रूप से बताए बिना ही कार्रवाई कर दी गई।
CM की पोस्ट पर कमेंट का मामला
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो वाली एक पोस्ट वायरल हुई थी। इस पोस्ट पर 'दविंदर मेहरा' नाम की ID से एक नकारात्मक कमेंट किया गया। विभागीय कार्रवाई इसी कमेंट को आधार बनाकर किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, JE दविंदर मेहरा का कहना है कि उन्होंने न तो वह पोस्ट डाली और न ही उस पर कोई कमेंट किया। उनका कहना है कि वह सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल भी नहीं करते। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि किसी तीसरे व्यक्ति ने AI या किसी अन्य तकनीक की मदद से उनके नाम से फर्जी कमेंट तैयार कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है।
कर्मचारी संगठनों ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच के नेताओं का आरोप है कि JE के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी। उनका कहना है कि सिर्फ सोशल मीडिया पर मौजूद एक कमेंट के आधार पर कर्मचारी को निलंबित करना उचित नहीं है। नेताओं ने यह भी दावा किया कि दविंदर मेहरा ने हाल ही में कुछ लोगों के कथित दबाव में गलत और गैर-कानूनी काम करने से इनकार किया था। उनका आरोप है कि इसी वजह से कुछ लोग उनसे रंजिश रखते थे और उन्हें फंसाने की साजिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
7 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने पावरकॉम प्रबंधन और पंजाब सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। नेताओं की मांग है कि JE दविंदर मेहरा का निलंबन रद्द कर उन्हें दोबारा तोहड़ा सब-डिवीजन में तैनात किया जाए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो पूरे पंजाब में बिजली कर्मचारियों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, यूनियनों के फैसले के अनुसार उसी दिन से हजारों कर्मचारी CM के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जाकर संगठित रूप से 'असली कमेंट' दर्ज कराएंगे। उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि यदि दमनकारी नीतियां बंद नहीं की गईं, तो कर्मचारी आंदोलन को तेज करेंगे।
16 सितंबर को पावरकॉम मुख्यालय का घेराव
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 16 सितंबर को पटियाला स्थित पावरकॉम मुख्यालय के तीनों मुख्य द्वारों का घेराव किया जाएगा। संगठनों ने यह भी कहा है कि अगर JE के मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मामले को लेकर जॉइंट फोरम और बिजली एकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने JE के निलंबन को वापस लेने और मामले की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
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