करतारपुर कॉरिडोर: दर्शनों के लिए लगेंगी 10-20 और दूरबीनें

10/22/2019 8:54:10 AM

डेरा बाबा नानक(वतन) : भारतीय सीमा से लगभग साढ़े 4 कि.मी. की दूरी पर स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के लिए पाकिस्तान सरकार द्वारा रास्ता खोलने दौरान पासपोर्ट व 20 डॉलर की शर्त से हजारों-लाखों श्रद्धालु करतारपुर साहिब के दर्शनों से फिलहाल वंचित रह जाएंगे जिस कारण संगत पहले की तरह धुस्सी बांध पर पहुंच कर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दूरबीन से दर्शन कर रही है।

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दोनों सरकारों द्वारा 8 या 9 नवम्बर को रास्ता खोलने की घोषणा की जा चुकी है, परंतु संगत रास्ते का उद्घाटन होने से पूर्व ही कस्बा डेरा बाबा नानक से सटी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर निर्मित धुस्सी बांध पर पहुंच कर दूरबीन द्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर रही है।  लैंड पोर्ट अथारिटी भी घोषणा कर चुकी है कि जो श्रद्धालु पासपोर्ट या फीस के कारण पाकिस्तान जाने में असमर्थ हैं, उनके लिए यह दर्शन स्थल बना रहेगा और रास्ता खुलने तक जहां 10 से 20 और दूरबीनें लगा दी जाएंगी ताकि संगत इस स्थान से भी करतारपुर साहिब के दर्शन कर सके। 

 300 फुट ऊंचे तिरंगे का निर्माण कार्य हुआ पूर्ण
भारत-पाकिस्तान सीमा पर करतारपुर कॉरीडोर के लिए निर्माणाधीन इंटैग्रेटिड चैक पोस्ट (यात्री टर्मिनल) में लैंड पोर्ट अथारिटी अपने कार्यों को अंतिम रूप दे रही है। अथारिटी के चेयरमैन गोविंद मोहन के अनुसार इसे अधिक सुंदर बनाने के लिए इस टर्मिनल में 300 फुट ऊंचा तिरंगा फहराने की योजना की शुरुआत की गई थी जोकि आज पूर्ण हो गई और आज इस झंडे के पोल को क्रेन की सहायता से खड़ा किया गया। इस 300 फुट ऊंचे तिरंगे का निर्माण कर रही कोलकाता की स्किपर कम्पनी के सीनियर प्रोजैक्ट मैनेजर रूपेश राज ने बताया कि इस तिरंगे को 300 फुट ऊपर फहराया जाएगा और इसे 5 कि.मी. की दूरी तक देखा जा सकेगा।  लैंड पोर्ट अथारिटी व भारत सरकार के निर्देशों पर ही झंडे को फहराया जाएगा। 


ये हैं झंडे की विशेषताएं

  •  झंडे का कपड़ा विशेष नायलोन 100 जी.एम.एस. का बना है।
  •  झंडा 90 फुट चौड़ा तथा 90 फुट लंबा है।
  •  झंडे का भार 100 से 110 कि.ग्रा. के करीब है।
  • अशोक चक्र का चिन्ह एफ.आर.पी. मैटीरियल का  है। 
  •  झंडे को स्पार्किंग लाइट देने के लिए इसके पोल से 20 फुट ऊपर 2 फ्लड लाइटें लगाई जाएंगी।

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