पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद रात को युवक की मौत, लोगों ने घेरी पुलिस चौकी
punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 12:49 PM (IST)
भोगपुर (सूरी): थाना भोगपुर के अधीन पुलिस चौकी (आरजी थाना) की पुलिस द्वारा गांव बूटरां से हिरासत में लिए गए युवक की रिहाई के बाद घर में मौत हो गई। घटना के बाद मृतक काली के पिता सुखविंदर उर्फ पप्पू, पूर्व सरपंच कर्म चंद और सुरजीत लाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए चौकी का घेराव किया।
मृतक के पिता और परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई के कारण काली की मौत हुई है। उन्होंने चौकी इंचार्ज एस.आई. बलवीर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और मौत पर मुआवजा देने की मांग की। डी.एस.पी. आदमपुर राजीव कुमार पुलिस चौकी पहुंचे और उन्होंने मृतक काली के परिजनों से कहा कि काली की मौत पिटाई से नहीं, बल्कि नशे के कारण हुई है, इसलिए आप बयान दर्ज करवा दें, आपको कोई भी वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी, जिस पर मृतक काली के परिजनों ने सहमति नहीं जताई।
क्या था पूरा मामला
चौकी इंचार्ज बलवीर सिंह के अनुसार शनिवार को गांव बूटरां में पुलिस ने युवक काली को कथित तौर पर नशीला पदार्थ बेचते हुए देखा। पुलिस को देखकर युवक ने नशीले पदार्थ का लिफाफा मुंह में डालकर निगल लिया। इसके बाद उसे चौकी लाया गया। कुछ समय बाद परिजन और अन्य लोग चौकी पहुंचे, जिसके बाद उनकी जिम्मेदारी पर युवक को सकुशल परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस ने उसे नशा मुक्ति केंद्र ले जाने की सलाह दी थी। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि रात को सोए काली की सुबह मौत हो गई। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से मौत के कारणों की पुष्टि होनी बाकी है।
नशे के कारण युवक की मौत से सरकार और पुलिस का झूठ उजागर हुआ : इंचार्ज राजेंद्र सिंह
कांग्रेस पार्टी के विधानसभा हलका करतारपुर से इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने गांव बूटरां में नशे के कारण हुई युवक की मौत के मामले में पंजाब सरकार और पुलिस का झूठ उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में साफ हो गया है कि नशा पुलिस और सरकार की मिलीभगत से बिक रहा है। अगर युवक नशा बेच रहा था तो पुलिस ने उसे क्यों छोड़ा और किसके कहने पर छोड़ा गया।
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