मिड-डे मील वर्करों को काम के बदले एक दिन के मिल रहे 47 रुपए

10/22/2019 1:15:58 PM

चंडीगढ़(भुल्लर): मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन पंजाब की राज्य प्रधान बिमला रानी, महासचिव कमलजीत कौर और वित्त सचिव नरेश कुमारी ने एक सांझे प्रैस बयान में कहा कि स्कूलों में खाना बनाने वाली वर्करों का सरकार और विभाग द्वारा आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है।

सारा दिन किए जाते काम के बदले सिर्फ 1700 रुपए महीना ही दिया जाता है, वह भी साल में केवल 10 महीने। नेताओं ने कहा कि पूरा साल काम करने के बदले 10 महीनों के मिलते 1700 रुपए तहत मिड-डे मील वर्करों को एक दिन के सिर्फ 47 रुपए ही मिल रहे हैं जिससे उनका आर्थिक शोषण के साथ-साथ मानसिक शोषण भी किया जा रहा है। प्रांतीय नेताओं ने कहा कि बच्चों से बर्तन न धुलवाने संबंधी निकाला गया पत्र केवल मिड-डे मील वर्करों को बदनाम करने के लिए ही निकाला गया है।


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