Bodybuilder वरिंदर घुम्मन की मौत के मामले में नई कमेटी का गठन, 15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 09:12 PM (IST)
अमृतसर (दलजीत): पंजाब के मशहूर बॉडीबिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन की फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में हुई मौत का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पहली जांच पर उठे सवालों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तीखे विरोध के बाद पंजाब सरकार ने नई हाई-पावर कमेटी बनाकर अपनी पहली कार्रवाई को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। सरकार ने नई कमेटी को 15 दिनों के भीतर सच सामने लाने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मशहूर बॉडीबिल्डर घुम्मन की 9 अक्टूबर 2025 को हुई मौत के बाद बनाई गई पहली जांच कमेटी शुरू से ही विवादों में रही। कमेटी ने फोर्टिस अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन द्वारा दर्ज मुकदमे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कमेटी में सभी संबंधित विभागों का प्रतिनिधित्व नहीं था और न ही एसोसिएशन के किसी सदस्य को शामिल किया गया था। इससे मेडिकल समुदाय में भारी रोष पैदा हो गया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आर. एस. सेठी ने खुलकर कहा कि यह जांच एकतरफा और नियमों के खिलाफ थी। उनके इस बयान ने सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। दूसरी ओर मृतक घुम्मन के परिवार ने भी अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
नई कमेटी का ऐलान
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बढ़ते दबाव और उठते सवालों के बीच स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, पंजाब ने तुरंत प्रभाव से नई जांच कमेटी बनाने का ऐलान किया है। जारी आदेशों के अनुसार कमेटी में अलग-अलग क्षेत्रों के वरिष्ठ विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिनमें मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, मेडिसिन और सर्जरी के अनुभवी डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का प्रतिनिधि शामिल हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि कमेटी पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी।
15 दिन में रिपोर्ट, क्या संभव?
सरकार ने कमेटी को केवल 15 दिनों का समय दिया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे संवेदनशील और तकनीकी मामले में गहराई से जांच के लिए अधिक समय की जरूरत होती है। हालांकि सरकार ने साफ कहा है कि अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कमेटी को दिए गए विशेष जांच के आदेश
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई कमेटी को खास तौर पर निम्नलिखित मुद्दों की जांच करने के लिए कहा गया है। इलाज की प्रक्रिया में कौन-कौन से कदम उठाए गए, क्या स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन किया गया, क्या किसी तरह की लापरवाही या देरी हुई, मरीज को दी गई सुविधाओं की वास्तविक स्थिति क्या थी, यदि कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। वरिंदर सिंह घुम्मन के परिवार के लिए यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें अभी भी सच का इंतजार है और वे चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले।
सच्चाई सामने आने की उम्मीद: सेठी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आर. एस. सेठी ने नई कमेटी के गठन का स्वागत किया, लेकिन चेतावनी भी दी कि इस बार जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली कमेटी में उनके प्रतिनिधि को शामिल न करना नियमों का उल्लंघन था और अब उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी।
डॉक्टरों को इंसाफ मिलना चाहिए
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पब्लिक रिलेशन अधिकारी डॉ. नरेश चावला ने कहा कि नई कमेटी को नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए और पीड़ित डॉक्टरों को न्याय मिलना चाहिए। डॉ. आर. एस. सेठी की अगुवाई में एसोसिएशन डॉक्टरों को न्याय दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रही है।
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