इस बार राखी बाजार में नया ट्रेंड! Korean Stone और Imported नगों से तैयार हो रही राखियां

punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 04:37 PM (IST)

जालंधर (खुराना): राखी का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और भारतीय संस्कृति का प्रमुख पर्व है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करती है, वहीं भाई भी बहन की रक्षा और हर सुख-दुख में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। समय बदला है, लोगों की पसंद बदली है और इसके साथ राखी का रूप भी लगातार बदल रहा है।

राखी के बाजार की बात करें तो अब पारंपरिक राखियों के साथ-साथ फैंसी और आकर्षक डिजाइनों की मांग तेजी से बढ़ी है। कभी साधारण मौली और मोतियों से बनी राखियां ही बाजार की पहचान हुआ करती थीं, लेकिन अब राखियों में कोरियन स्टोन, मदर ऑफ पर्ल, इम्पोर्टेड नग इत्यादि का इस्तेमाल हो रहा है।

PunjabKesari

इस बार बाजार में एक बार फिर मौली की राखी का चलन बढ़ा है। इसके अलावा जयपुरी राखी, भैया-भाभी राखी भी पसंद की जा रही हैं। किड्ज राखियों में गिफ्ट और ब्रेसलेट का कॉम्बो बच्चों को खासा आकर्षित कर रहा है। वहीं इविल आई और श्रीकृष्ण, मोरपंख जैसे धार्मिक एवं आधुनिक प्रतीकों वाली राखियों की भी अच्छी मांग है। इस बार राखी के बाजार में परंपरा और आधुनिकता का खूबसूरत मेल देखने को मिल रहा है।

राखी निर्माण में अपनी पहचान बना रहा है जालंधर

लंबे समय से कोलकाता और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में राखी तैयार होती रही है, लेकिन अब जालंधर भी राखी निर्माण के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। न्यू कृष्णा ब्रांड के संचालक अमित जग्गी बताते हैं कि इंपोर्टेड मटेरियल से तैयार की जा रही जालंधर की राखियों की इस बार हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और यहां तक कि मथुरा-वृंदावन तक सप्लाई हुई है।

PunjabKesari

अमित जग्गी के अनुसार, उनके परिवार ने वर्ष 1978 में राखी के कारोबार में कदम रखा था और करीब पांच दशक से यह काम लगातार चल रहा है। उनका कहना है कि राखी का स्वरूप हर वर्ष बदलता है और हर बार बाजार में कुछ नया देखने को मिलता है। राखी की पैकेजिंग के लिए डिब्बे और अन्य प्रिंटेड सामग्री अभी भी मुंबई से ही देशभर में सप्लाई होती है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

News Editor

Kalash