रावी नदी में डूबे किसान का अब तक नहीं मिला सुराग, कई दिन से तलाश जारी
punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2026 - 05:13 PM (IST)
गुरदासपुर ( हरजिंदर सिंह गोराया ) : भारत-पाकिस्तान सीमा पर जीरो लाइन के निकट बसे सीमावर्ती गांव सलाच, हलका दीनानगर के गरीब किसान सुखविंदर सिंह के रावी नदी में डूबने की घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसान 28 सितंबर 2026 को रावी नदी पार कर अपनी जमीन पर खेती करने जा रहा था, इसी दौरान वह नदी में डूब गया था। परिवार और ग्रामीणों की ओर से लगातार उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक गोताखोरों को कोई सफलता नहीं मिली है।
गांव की करीब 500 एकड़ जमीन तारबंदी के पार रावी नदी के दूसरी ओर स्थित है, जो भारत का हिस्सा है। सीमावर्ती किसान रोजाना खेती के लिए निर्धारित समय पर नदी पार करके अपनी जमीनों में जाते हैं। ऐसे में उन्हें आवागमन के दौरान कई तरह की कठिनाइयों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि सीमावर्ती इलाकों के किसानों की समस्याओं को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए और उनकी सुरक्षा तथा खेती से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। रावी नदी पर पुल बनने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
इस मौके पर समाज सेवी रवि मोहन, सलाच गांव के सरपंच हरजिंदर सिंह, गांव चौंतरा के सरपंच चरणजीत सिंह, नंबरदार सुखदेव सिंह थंम्हण, गांव गंजि के सरपंच गुरजिंदर सिंह, पूर्व सरपंच कश्मीर सिंह, नंबरदार चौंतरा जोध सिंह, लखविंदर सिंह तथा रणजीत सिंह रंधावा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करते हुए किसान की तलाश जल्द पूरी होने की उम्मीद जताई।

