शहर में काला कच्छा गिरोह की आहट से दहशत! CCTV फुटेज में दिखे कच्छे पहने संदिग्ध लोग
punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 09:40 AM (IST)
लुधियाना, (राज) : महानगर के पॉश इलाके अगर नगर, राम बाग एरिया में काला कच्छा गिरोह के सक्रिय होने की आशंका से इलाके के निवासियों में भारी खौफ और दहशत का माहौल पैदा हो गया है। पिछले कुछ महीनों के भीतर लगातार एक के बाद एक करीब एक दर्जन चोरी की वारदातें सामने आ चुकी हैं, जिनकी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी गई है। हाल ही में सामने आई ताजा फुटेज को देखकर यह साफ अंदेशा जताया जा रहा है कि इलाके में काला कच्छा गिरोह ही सक्रिय हो सकता है! फुटेज में चार से पांच संदिग्ध युवक काले रंग के कच्छे पहने घूमते नजर आ रहे हैं, जो किसी बड़े आपराधिक वारदात की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद पुलिस इसे बेहद मामूली मामला मानकर टालमटोल कर रही है और शिकायत देने पर पुलिस टालमटोल कर रही है कि अगर कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट सकते हो तो ही उन्हे शिकायत दो। जब वह इस संबंध में एसीपी से मिलें तो जब जाकर उनकी सुनवाई हुई। उन्होने तुरंत चौकी पुलिस को कार्रवाई के लिए और जांच के लिए आदेश दिए।
घर के अंदर घूम रहा था चोर, ग्रील उखाडक़र सोफे से बंद किया था रास्ता
ताजा मामला अगर नगर ए-ब्लॉक राम बाग एरिया स्थित एक कोठी का है। पीडि़ता परिवार के योगेश गुप्ता ने बताया कि घटना बीते शुक्रवार की है। उसके बेटे ने अपने कमरे से कॉल कर बताया कि घर के अंदर से अजीब आवाजें सुनाई दीं। जब उसने अपने कमरे का दरवाजा खोलकर देखा, तो अंदर एक अज्ञात युवक बेखौफ होकर घूम रहा था। उसने ऊपर टी शर्ट पहनी थी और नीचे काले रंग का कच्छा पहना हुआ था। इसके अलावा आरोपी ने मफल्सर से चेहरा को छुपाया हुआ था ताकि पहचान ना हो सके। मकान मालिक को देखते ही युवक बाहर की तरफ भाग खड़ा हुआ। जांच करने पर पता चला कि चोरों ने घर की ग्रील तक उखाड़ दी थी और कमरे के बाहर सोफे लगा दिए थे, ताकि अंदर मौजूद लोग बाहर न निकल सकें। जब उन्होने सीसीटीवी कैमरे चैक किए तो वह एक नहीं था। बल्कि उसके बाकी साथी भी थे। उनके गिरोह में चार से पांच युवक थे। जोकि बाहर खड़े हुए थे और आवाज सुनकर भाग खड़े हुए।
पुलिस की संवेदनहीनता, बोली कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट सकते हो तो ही दो शिकायत
यह पूरा मामला थाना सराभा नगर के अंतर्गत आती चौकी रघुनाथ एन्क्लेव का है। रामबाग के रहने वाले योगेश गुप्ता, सुनील गोयल, राजकुमार जिंदल, पुनीत खन्ना, दलजीत सिंह, भुषन गुप्ता और भूपिदर सिंह ने का कहना है कि जब पहले उन्होने लिखित शिकायत पुलिस को दी थी। तब पुलिस मुलाजिम उल्टा उन्हें मदद देने की बजाय उलटा डराने लगे थे। पुलिसकर्मी कहते थे कि अगर कोर्ट-कचहरियों के चक्कर काट सकते हो, तभी शिकायत देना। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुलिस खुद यह स्वीकार करती है कि यह गिरोह काफी समय से इस इलाके में एक्टिव है और उनके हाथ नहीं आ रहा। इसके बावजूद पुलिस इसे गंभीरता से लेने के बजाय मामूली घटना मानकर ढिलाई बरत रही थी। उधर, फिर जब वह सारे इक्ट्ठा होकर इस संबंध में एसीपी (वेस्ट) से मुलाकात कर सारी घटना के बारे में बताया तो उन्होने बात सुनने के तुरंत बाद चौकी पुलिस को कार्रवाई की हिदायत दी है और उन्हे जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है।

