कृषि अधिनियम निरस्त करने से किसानों के शांतिपूर्ण संघर्ष की जीत

punjabkesari.in Saturday, Nov 27, 2021 - 10:39 AM (IST)

संगरूर (बेदी): शिरोमणि अकाली दल संयुक्त के सीनियर नेता और विधायक परमिंदर सिंह ढींडसा ने किसान आंदोलन की वर्षगांठ पर बोलते संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं और समूह किसान को काले कृर्षि कानून रद्द होने की ऐतिहासिक जीत की बधाई दी है। उन्होनें कहा कि किसान आंदोलन ने पंजाबवासियों के हक सत्य और लोकतंत्र के लिए लड़ने की रवायत को सींचकर और मजबूत किया है। उन्होनें कहा कि किसानों की इस ऐतिहासिक जीत ने मज़दूरों, नौजवानों और कामगार लोगों की एकजुटता की बढ़िया उम्मीद जगाई है। उन्होनें कहा कि संघर्ष अंदर योगदान डालने वालों को सलाम करते है। अलग-अलग समागमों दौरान ढींडसा ने कहा कि काले कृर्षि कानून रद्द करवाने के लिए आज के दिन दिल्ली के बार्डरों पर डटे किसानों के लिए शांतमयी आंदोलन 26 नवंबर का दिन हमेशा के लिए यादगारी बना रहेगा। 

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उन्होनें कहा कि सब से लंबे किसान आंदोलन ने सांझेदारी, मानवता, एकता, सब्र, आस्था और आशायों की उम्मीदों को चार चांद लगाए हैं और फेडरल ढांचे और राज्यों की शक्तियों को नई दिशा भी दी है। उन्होनें कहा कि सच्ची सुच्ची और झूठ की राजनीति करने वाले लोगों की पहचान कर दी है। उन्होनें कहा कि कृर्षि कानून बनने तक राजनीतिक नेताओं की तरफ से निभाई भूमिका बारे बच्चा-बच्चा जानता है। 

उन्होनें कहा कि कृर्षि कानून रद्द होने बाद में सवाल उठने शुरू हुए हैं कि पहले यह वृतांत बनाने की कोशिश किसने की थी। मोदी के बनाए गए कानून ठीक हैं। ढींडसा ने बादल परिवार ज्रिक किए बिना कहा पंजाब के लोगों को उन राजनीतिक नेताओं की पहचान करनी चाहिए जिनकी सोच कॉर्पोरेट परिवारों से भी खतरनाक है। किसान संघर्ष अंदर इनका क्या रोल चल रहा है। उन्होनें कहा कि ऐसे वृतांत को पहचानने और दूर करने की जरूरत है। 

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Content Writer

Sunita sarangal

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