PGI के तकनीकी कर्मचारियों राहत, 30 साल से लटका मामला सुलझा

punjabkesari.in Tuesday, Jun 02, 2026 - 12:02 PM (IST)

चंडीगढ़ (शीना): PGI ने तकनीकी कैडर से जुड़े तीन दशक से अधिक समय से लंबित पुनर्गठन मामले को सुलझाते -ray, रेडियोथेरेपी और लैबोरेटरी कैडर में बड़े स्तर पर तरक्की की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके तहत करीब 659 कर्मचारियों से संबंधित 1120 प्रमोशन को अमलीजामा पहनाया गया है। PGI द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक कैडर एनोमली कमेटी जिसका नेतृत्व प्रोफेसर एस. प्रभाकर कर रहे थे की सिफारिश के आधार पर तकनीकी कैडर के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई थी। यह मामला 30 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग था और इसके लिए एडमिनिस्ट्रेटिव, टेक्निकल और रिकॉर्ड आधारित जांच की जरूरत थी।     

मामले की गंभीरता को देखते हुए, डायरेक्टर प्रोफेसर विवेक लाल ने 11 जुलाई, 2025 को स्पेशल सेल का गठन किया था, जिसका मकसद लंबे समय से पेंडिंग मामले को तेजी से निपटाना था। स्पेशल सेल ने 1 मार्च 1992 से 31 दिसंबर 2024 के समय में हुए प्रमोशन और सर्विस रिकॉर्ड की जांच करते हुए व्यापक अभ्यास किया।

PGI अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान कुल 193 डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) मेमोरेंडम तैयार किए गए। एक्स-रे कैडर में 64 DPC मेमोरेंडम के जरिए 173 प्रमोशन मंजूर किए गए, जिससे 111 कर्मचारियों को फायदा हुआ। इसी तरह रेडियोथेरेपी कैडर में 25 DPC मेमोरेंडम के जरिए 48 प्रमोशन प्रोसेस किए गए, जिससे 28 कर्मचारियों को फायदा हुआ। सबसे बड़ी एक्सरसाइज लैबोरेटरी कैडर में की गई, जहां 104 DPC मेमोरेंडम मंजूर किए गए। मेमोरेंडम के जरिए 899 प्रमोशन का प्रोसेस पूरा किया गया। इससे लगभग 520 कर्मचारियों को अलग-अलग पोस्ट पर प्रमोट होने का फायदा हुआ।

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News Editor

Kalash

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