पंजाब में बिजली संकट गहराया ! लोगों को झेलने होंगे लंबे पावरकट, पढ़ें पूरी खबर
punjabkesari.in Sunday, Sep 06, 2026 - 07:29 PM (IST)
पंजाब डैस्क : पंजाब में बिजली संकट गहराता नजर आ रहा है। पिछले तीन दिनों से राज्य के कई हिस्सों में बिजली कटौती का मुख्य कारण कोयले की कमी बताया जा रहा है। राज्य के बिजली मंत्री तरणप्रीत सिंह सौंद ने इस पर वीडियो जारी कर कहा है कि देशभर में कोयले की कमी के कारण पंजाब को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब में स्थिति इसलिए गंभीर बनी हुई है क्योंकि नाभा पावर लिमिटेड, राजपुरा और तलवंडी साबो पावर प्लांट, मानसा, केंद्र सरकार की ओर से सप्लाई होने वाले कोयले पर निर्भर हैं। राज्य सरकार का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में कोयला नहीं मिलने के कारण इन संयंत्रों में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं, जिन थर्मल पावर प्लांटों को पंजाब सरकार की ओर से कोयला उपलब्ध कराया जा रहा है, वहां भी अब करीब 10 दिन का स्टॉक बचा होने की बात कही जा रही है। कोयले की कमी का सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। राज्य में उत्पादन करीब 1500 मेगावाट तक घटने का दावा किया गया है, जबकि बिजली की मांग 16,000 मेगावाट से ऊपर बनी हुई है।
सरकार के मुताबिक, देश में करीब 63 गीगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट कोयले की कमी से प्रभावित हैं। कई निजी बिजली संयंत्रों के पास महज 3 से 4 दिन का कोयला स्टॉक बचा है। स्टॉक कम होने के कारण कई प्लांट अपनी पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं।
वहीं बिजली उत्पादन कम होने के चलते लुधियाना, खन्ना, मोहाली और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों में कथित तौर पर 4 से 5 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। इससे उद्योगों के कामकाज और उत्पादन पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है। पंजाब सरकार ने केंद्र से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि कोयले की मौजूदा कमी कब तक दूर होगी। सरकार का कहना है कि कोयले की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होना जरूरी है, ताकि राज्य में बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी जा सके।

