डेरा ब्यास प्रमुख पर CM Mann के तंज कसने पर भड़के बाजवा, बोले-"स्टेज छोड़कर.."

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 05:20 PM (IST)

पंजाब डेस्क : मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों की सीनियर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया से जेल में मुलाकात को लेकर इनडायरेक्टली बयान दिया, जिस पर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। अब विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी मुख्यमंत्री के इस बयान के खिलाफ आ गए हैं और बाजवा ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस बयान को पंजाबी विरासत और संतों की गरिमा के खिलाफ बताया है। इसके साथ ही प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री को सलाह दी है कि वह "स्टेज छोड़कर स्टेट संभालें"।

''मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने 'X' (ट्विटर) अकाउंट पर लिखा था, "चाहे कल हो या आज, अदालतों का भगवान ही रखवाला है, जहां आने वाले ही जज बनते हैं।" प्रताप सिंह बाजवा ने इस कमेंट की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कल हमारे राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने "X" अकाउंट पर लिखा, "कल हो या आज, भगवान ही अदालतों का रखवाला है, जहां आने वाले ही जज बनते हैं।" यह पढ़कर मुझे बहुत दुख हुआ। उसके बाद सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा और आज अखबारों में छपी खबरों को पढ़कर और सुनकर मेरा दिल दुखा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में किसी भी मुख्यमंत्री ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।

बाजवा ने कहा कि इतने सेंसिटिव मुद्दे पर बोलने से पहले मैं सभी संगत के ध्यान में लाना चाहता हूं कि जैसा कि हम सब जानते हैं, यह हमारी पंजाबी विरासत नहीं है और इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री ने किसी संत या महापुरुष के बारे में ऐसी टिप्पणी की हो। पंजाबियों ने हमेशा अपने गुरुओं, पीरों, पैगंबरों, संतों और महापुरुषों का सम्मान किया है। गुरबानी में संतों, महात्माओं और ब्रह्मज्ञानियों की महानता को बहुत ऊंचे रूप में बताया गया है। वे भगवान के साथ एक हैं। सुखमनी साहिब की 23वीं अष्टपदी में संतों की महिमा का खास तौर पर वर्णन किया गया है, जहाँ उन्हें भगवान का रूप माना गया है। संत वे हैं जो नाम जपते हैं, सेवा करते हैं और इंसान को उस अकाल पुरख से जोड़ते हैं।

 पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर, मैं आम आदमी पार्टी की पूरी लीडरशिप-मंत्रियों, MLA, MPs, और खासकर AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया, पंजाब प्रेसिडेंट अमन अरोड़ा, मंत्री हरजोत सिंह बैंस, MP श्री आनंदपुर साहिब मलविंदर सिंह कंग, चीफ स्पोक्सपर्सन कुलदीप धालीवाल, MLA देव मान और दूसरे नेताओं से जो डेरा ब्यास के प्रमोटर और चाहने वाले हैं-पूछना चाहता हूं कि क्या वे पंजाब के साढ़े तीन करोड़ लोगों और देश-विदेश में रहने वाले डेरा ब्यास के प्रमोटरों और भक्तों को साफ करेंगे कि क्या यह उनकी पार्टी की ऑफिशियल लाइन है या सिर्फ भगवंत मान की पर्सनल राय है, जो उन्होंने अपने पर्सनल “X” अकाउंट पर ज़ाहिर की है? इस पर आम आदमी पार्टी का स्टैंड लोगों को साफ होना चाहिए। यहां मैं MLA डॉ. सुखविंदर सुखी का ज़िक्र कर रहा हूं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी की लाइन से हटकर और अपने कैबिनेट रैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफ़ा देकर रसोखाना श्री नाभा कंवल राजा साहिब (बंगा) से जुड़ी संगत की भावनाओं का सम्मान किया है।

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News Editor

Kamini

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