पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की नई शर्त से अभिभावकों में हाहाकार, खतरे में विद्यार्थियों का भविष्य

punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 03:33 PM (IST)

मोहाली : पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड मोहाली की तरफ से पिछले दिनों जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, 8वीं से 10वीं के स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन और आगे की पढ़ाई के लिए डिजिटल बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया गया है, जिसकी वजह से यह विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। ये बातें मास्टर कैडर यूनियन पंजाब के प्रदेश उपप्रधान जगजीत सिंह साहनेवाल और जिला इकाई लुधियाना के महासचिव गुरप्रीत सिंह दोराहा ने कही। 

इस संबंध में मास्टर कैडर यूनियन जिला इकाई लुधियाना के वित्त सचिव स्वर्ण सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान नवदीप सिंह, उप प्रधान राजविंदर सिंह और प्रैस सचिव मनोज कुमार ने प्रैस को बताया कि एक तरफ जहां सुविधा केंद्रों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, जिसके कारण सुविधा केंद्रों का कामकाज लगभग ठप है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने कक्षा 8वीं से 10वीं के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन और आगे की पढ़ाई के लिए डिजिटल जनरल सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है। जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पंजाब बोर्ड द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 10 जुलाई होने से विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ता दिख रहा है। 

इस मौके पर ब्लॉक प्रधान हरजिंदर सिंह खन्ना, प्रभजोत सिंह, हरविंदर सिंह पुरैन, जगमीत सिंह, नवीन कपिला, सिमरजोत सिंह, गुरबख्श सिंह, जिला महिला इकाई की वरिष्ठ उप प्रधान कंवलजीत कौर, मनजीत कौर, जसवीर कौर, सुषमा शर्मा, सुपरजीत कौर ने विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि डिजिटल सर्टिफिकेट की शर्त हटाई जाए। और नए सेशन से यह सर्टिफिकेट बनाने के बारे में निर्देश जारी किए जाएं ताकि विद्यार्थियों और उनके माता-पिता को परेशानी न हो।

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News Editor

Urmila

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