पुलिस छावनी में तब्दील हुआ पंजाब का इलाका! गरमाया माहौल
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 02:34 PM (IST)
कपूरथला (गुरप्रीत): सुल्तानपुर लोधी के ऐतिहासिक अस्थान और धार्मिक महत्व वाले इलाके से सटे शाहवाला आंद्रिसा गांव में आज सुबह उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब गांववालों ने पिछले साल गांव सद्दूवाल के पास बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीटेड पानी की आउटपुट पाइपलाइन बिछाने का काम रुकवा दिया। गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
काली बेईं नदी की पवित्रता को खतरा, प्रदर्शनकारियों के गंभीर आरोप
धरने पर बैठे गांववालों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का गंदा पानी पवित्र काली बेईं नदी में छोड़ने की तैयारी कर रहा है। लोगों का कहना है कि यह एक ऐसा फैसला है जिससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक पाइपलाइन जबरदस्ती उनकी जमीन से गुजारी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन ने दूसरा रूट बताया था लेकिन बाद में योजना को बदल कर गांव की जमीन को चुना गया है।
पहले वादे किए, अब मुकर गया प्रशासन
गांव के रहने वाले सुखविंदर सिंह और दूसरे लोगों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि अधिकारियों ने पहले भरोसा दिया था कि न तो नदी को नुकसान पहुंचाया जाएगा और न ही प्राइवेट जमीन पर कब्ज़ा किया जाएगा, लेकिन अब बिना मंज़ूरी के काम शुरू कर दिया गया है। इसके विरोध में गुस्साए लोगों ने मौके पर अनिश्चितकालीन धरना दिया और मशीनरी रोककर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरी तरह से रोक दिया।
गांव पुलिस छावनी बना
तनाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही मौके पर डेरा जमाए हुए हैं। हालात को देखते हुए किसी भी अनचाही घटना को रोकने के लिए नाकाबंदी भी कर दी गई।
संबंधित विभाग ने आरोप नकारे
दूसरी ओर सीवरेज और वाटर सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने गांव वालों के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि पाइपलाइन सरकारी जमीन पर बिछाई जा रही है और किसी भी प्राइवेट जमीन को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ट्रीट किया हुआ पानी पर्यावरण के मापदंड़ो के हिसाब से ही छोड़ा जाएगा।
हालात तनावपूर्ण
अब तक भी गांव वाले धरने पर डटे रहे और साफ कर दिया है कि जब तक प्रशासन लिखकर भरोसा नहीं देता, धरना खत्म नहीं होगा। मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा होने की वजह से सेंसिटिव हो गया है और प्रशासन बातचीत करने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन भरोसेमंद लोगों से बातचीत करके मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल लोग अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। फिलहाल पाइपलाइन का काम पूरी तरह से रुका हुआ है और गांव शाहवाला आंद्रिसा में हालात नाजुक लेकिन कंट्रोल में बताए जा रहे हैं।

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