कांग्रेस की बैठक में छलका काला ढिल्लों का दर्द, पार्टी के भीतर दखलअंदाजी पर साधा निशाना
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 10:10 AM (IST)
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला में आयोजित कांग्रेस पार्टी की कार्यकर्ता बैठक के दौरान हलका बरनाला के विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह काला ढिल्लों का संबोधन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ प्रदेश स्तरीय नेता मौजूद थे। अपने संबोधन में काला ढिल्लों ने बिना किसी नेता का नाम लिए पार्टी के भीतर हो रही दखलअंदाजी और कुछ नेताओं की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई।
काला ढिल्लों ने कहा कि यदि पार्टी ने उन पर और उनके कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा जताया होता तो केवल बरनाला ही नहीं, बल्कि आसपास की पांच-दस विधानसभा सीटों पर भी कांग्रेस बेहतर परिणाम हासिल कर सकती थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बरनाला की जीत रास नहीं आ रही और वे लगातार जिले के मामलों में बिना किसी कारण हस्तक्षेप कर रहे हैं।
'हमेशा सम्मान की राजनीति की, लेकिन हर बात की एक सीमा होती है'
अपने संबोधन के दौरान काला ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज और पार्टी में शालीनता, सम्मान और अनुशासन की राजनीति की है। उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि प्रत्येक नेता को उसका उचित सम्मान मिले और पार्टी की एकजुटता बनी रहे। उन्होंने कहा, "यदि कोई मेरी शराफत को मेरी कमजोरी समझता है तो यह उसकी गलतफहमी है। चाहे वह नेता कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह मुझे कमजोर समझने की भूल न करे।"
'मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरे कार्यकर्ता हैं'
काला ढिल्लों ने भावुक अंदाज में कहा कि उनके पास न तो अपार धन है और न ही कोई बड़ी राजनीतिक पहुंच। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा, "मेरे पास न बड़ा पैसा है और न ही बड़े नेताओं का कोई विशेष संरक्षण। मैं अपनी राजनीति अपने कार्यकर्ताओं के भरोसे करता हूं। जब तक मेरे कार्यकर्ता मेरे साथ खड़े हैं, तब तक कोई भी मुझे दबा नहीं सकता। उनके इस बयान का कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया और कार्यक्रम के दौरान कई बार समर्थन में नारे भी लगाए।
उपचुनाव की जीत का भी किया उल्लेख
काला ढिल्लों ने इशारों-इशारों में कहा कि वर्ष 2024 के बरनाला विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का परिणाम थी। उन्होंने कहा कि इस जीत के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता ने दिन-रात मेहनत की और इसी कारण कांग्रेस पूरे पंजाब में उपचुनाव के दौरान यह एकमात्र सीट जीतने में सफल रही। उन्होंने कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए वह हर मंच पर मजबूती से खड़े रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चाएं
काला ढिल्लों के इस संबोधन के बाद बरनाला ही नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान की ओर स्पष्ट संकेत करता है। चर्चा यह भी है कि काला ढिल्लों पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाते हैं, जबकि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी बरनाला विधानसभा क्षेत्र में अधिक सक्रियता दिखा रहे हैं। ऐसे में काला ढिल्लों के इस बयान को पार्टी के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसके अलावा, पिछले कुछ समय के दौरान जिला इकाई से जुड़े कुछ नेताओं को प्रदेश स्तर की चेयरमैनियां दिए जाने को भी राजनीतिक विश्लेषक इसी घटनाक्रम से जोड़ रहे हैं। चर्चा है कि इन नियुक्तियों से पहले जिला अध्यक्ष काला ढिल्लों से कोई विशेष विचार-विमर्श नहीं किया गया था, जिसके चलते नाराजगी की बातें भी सामने आई थीं।
आने वाले दिनों पर रहेगी नजर
कार्यकर्ता बैठक में काला ढिल्लों के इस बयान के बाद अब राजनीतिक हलकों की नजर कांग्रेस की आगामी रणनीति और पार्टी हाईकमान के रुख पर टिकी हुई है। हालांकि काला ढिल्लों ने अपने संबोधन में किसी भी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके संदेश को पार्टी के भीतर अपनी स्थिति और कार्यकर्ताओं की ताकत का खुला प्रदर्शन माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह घटनाक्रम कांग्रेस की जिला एवं प्रदेश इकाई की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है।
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

