पंजाब में मुफ्त गेंहू लेने वालों के लिए नया पंगा! डिपो होल्डर भी परेशान, पढ़ें...
punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 03:47 PM (IST)
पंजाब डेस्क: सरकार की मुफ्त राशन योजना के तहत बांटी जा रही गेहूं के दौरान पर्चियां काटने वाली ई-पॉश मशीन का सर्वर डाउन रहने से लाभार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लोग गेहूं की पर्ची कटवाने के लिए डिपो होल्डरों के पास पहुंचे, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कई जगहों पर डिपो होल्डरों और लाभार्थियों के बीच टकराव की स्थिति भी बन गई।
लोगों के लिए बढ़ी परेशानी
डिपो होल्डरों का कहना है कि मशीनों का सर्वर लगातार डाउन रहने और प्रत्येक लाभार्थी के लिए चार-चार पर्चियां काटने के कारण पूरे दिन में मुश्किल से 10 घरों की पर्चियां ही कट पा रही हैं। उनका कहना है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है, लेकिन समस्या के चलते उन्हें लाभार्थियों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
मुफ्त राशन योजना के लाभार्थी बबलप्रीत सिंह, हरचरण सिंह, बलबहादुर सिंह, लवप्रीत सिंह, गुरतेज सिंह, निर्मल सिंह और गुरमेल सिंह आदि ने बताया कि वे गेहूं की पर्ची कटवाने के लिए डिपो होल्डर के पास पहुंचे थे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई।
4 महीने की गेहूं एक साथ देने के आदेश
बताया गया है कि राज्य सरकार ने इस बार लाभार्थियों को एक साथ 4 महीने की गेहूं देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पर्चियां काटने वाली मशीनों को भी पिछले दिन से बंद करने के आदेश दिए गए थे। मौजूदा समय में सर्वर डाउन रहने के कारण बड़ी संख्या में लाभार्थी गेहूं की पर्चियां नहीं कटवा पा रहे हैं। लाभार्थियों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो दिहाड़ी-मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। वे काम से छुट्टी लेकर या काम के समय में समय निकालकर पर्ची कटवाने पहुंचते हैं, लेकिन सर्वर की समस्या के कारण उन्हें बिना पर्ची कटवाए वापस लौटना पड़ रहा है। इससे उन्हें समय पर गेहूं मिलने को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
वहीं, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग लोगों को भी इस समस्या के कारण काफी परेशानी हो रही है। भीषण गर्मी में उन्हें पर्ची कटवाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। लाभार्थियों ने पंजाब सरकार से मांग की है कि ई-पॉश मशीनों के सर्वर की समस्या को जल्द दूर किया जाए। इसके साथ ही चार पर्चियों की बजाय एक ही पर्ची जारी की जाए, ताकि लाभार्थियों को समय पर पर्ची मिल सके और वे अपना राशन प्राप्त कर सकें।

