पंजाब के लोगों के लिए तोहफा लेकर आया नया साल, जल्द पूरा होने जा रहा ये Project

punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 03:00 PM (IST)

मोहाली: नए साल की शुरुआत मोहाली वासियों के लिए एक बड़े तोहफे के साथ हुई है। लंबे समय से अटका सेक्टर 81-84 डिवाइडिंग रोड प्रोजेक्ट अब फिर से तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और फरवरी तक इसके पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। गमाडा द्वारा जमीन अधिग्रहण और तकनीकी बाधाएं दूर किए जाने के बाद निर्माण स्थल पर मशीनें दोबारा पहुंचनी शुरू हो गई हैं। इस सड़क के तैयार होने से सेक्टर-81 से एयरपोर्ट रोड तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे रोज़ाना का सफर मिनटों में सिमट जाएगा और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी। गमाडा ने प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची जारी करते हुए सेक्टर 81-84 की डिवाइडिंग रोड को शीर्ष पर रखा है। यह मार्ग मोहाली के रायपुर कलां, चिल्ला और एयरपोर्ट रोड को सीधी कनेक्टिविटी देगा।

बाधा बना बिजली टावर, जल्द होगा शिफ्ट
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) द्वारा जमीन अधिग्रहण में आई रुकावट के कारण यह काम बीच में रुक गया था, लेकिन अब कार्रवाई के बाद मौके पर बेस लेवलिंग का काम तेज़ी से चल रहा है। निर्माण के दौरान एक बड़ा ट्रांसमिशन बिजली टावर सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ था। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन को भुगतान किया जा चुका है और आधिकारिक जानकारी के अनुसार टावर शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। टावर हटते ही सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में प्रवेश कर जाएगा।

एयरपोर्ट रोड से सीधी कनेक्टिविटी, 25 की बजाय 7 मिनट में सफर
यह मार्ग सीपी-67 मॉल के समानांतर चलते हुए जिला प्रशासनिक परिसर सेक्टर-76, 77, 78, 79, 80 और 81 से होकर सीधे मुख्य एयरपोर्ट रोड से जुड़ेगा। माना जा रहा है कि सेक्टर-70 से सेक्टर-82 तक का सफर, जो पहले 25 से 30 मिनट लेता था, इस नए मार्ग के शुरू होने के बाद सिर्फ 7 से 8 मिनट में पूरा हो जाएगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों, बल्कि दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भी समय की बड़ी बचत होगी और संपूर्ण यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।

आईटी सिटी एक्सप्रेसवे भी बना गेम चेंजर
गौरतलब है कि 22 दिसंबर को ग्रीनलैंड कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुआ मोहाली आईटी सिटी एक्सप्रेसवे क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से आने वाले यात्री अब शहर में प्रवेश किए बिना सीधे शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच सकते हैं। इससे ट्रैफिक का दबाव, यात्रा का समय और दूरी—तीनों में कमी आई है। जो सफर पहले 40-45 मिनट में पूरा होता था, वह अब 15-20 मिनट में तय हो रहा है। व्यापारिक परिवहन और पर्यटन क्षेत्र को पहली बार इस स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है।
 


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Vatika

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